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Jammu News: - इस्मत चुगताई की कहानी पर आधारित उर्दू नाटक घूंघट का मंचन

Mon, 25 Dec 2023 02:09 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जम्मू। नटरंग की संडे थिएटर शृंखला में रविवार को एक उर्दू नाटक घूंघट का मंचन किया गया। यह नाटक इस्मत चुगताई की कहानी पर आधारित है। नाटक की शुरुआत 80 साल की गोरी बीबी की सुंदरता की प्रशंसा से शुरु होता है।
कथावाचक बताते हैं कि सुनहरे बालों वाली गोरी जब 13 साल की थी, तो उसके माता-पिता की नींद उड़ गई थी। उन्हें डर था कि कहीं कोई उनकी बेटी को उठा न ले जाए। 13 साल की गोरी लड़की की सगाई एक काले आदमी से हो जाती है, जो उसके काले रंग से बेहद चिढ़ता है। सगाई के दौरान सभी लोग काले मियां को चिढ़ाते हैं कि अगर दूल्हा दुल्हन को छुएगा तो दुल्हन गंदी हो जाएगी। दुल्हन की खूबसूरती का काले मियां पर ऐसा असर हुआ कि उसने उससे शादी करने से इंकार कर दिया। सबने बहुत समझाया और बड़ों ने गालियां भी दीं, आखिरकार दूल्हा मान जाता है और शादी हो जाती है। मगर शादी के गानों में काले और गोरे लोगों का जिक्र सुनकर काले मियां इतने चिढ़ जाते हैं कि शादी की रात दुल्हन से घूंघट उठाने के लिए कहते हैं और जब दुल्हन घूंघट नहीं उठाती तो उसे छोड़कर जोधपुर चले जाते हैं। गोरी बीबी के माता-पिता इस बात से चिंतित हो जाते हैं। सात साल बाद जब काले मियां की दादी बीमार पड़ जाती है तो वह घर आता है। एक बार फिर गोरी बीबी और काले मियां को मिलाने की कोशिश की जाती है। मगर काले मियां फिर से दुल्हन से घूंघट उठाने के लिए कहता है और जब वह घूंघट नहीं उठाती तो वह फिर घर से भाग जाता है।
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सालों तक गोरी बीबी काले आदमी का इंतजार करती रहती है। जब काले मियां बूढ़े हो जाते हैं तो आखिरी बार घर लौटते हैं और 80 साल की गोरी बीबी को उनसे मिलाने की कोशिश की जाती है। मगर इससे पहले कि गोरी बीबी अपना घूंघट उठा पाती, काले मियां की मृत्यु हो जाती है और नाटक समाप्त हो जाता है।
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नाटक का निर्देशन नीरज कांत ने किया। अभिनय करने वाले नटरंग युवा कलाकारों में अभिमन्यु चौधरी, हर्षुल कौल, चैतन्य शेखर, विशाल शर्मा, आदेश धर, सोनाली शर्मा, महक चिब, आनंद वर्मा और सुनेहा अंगुराल शामिल थे। नाटक की लाइटिंग नीरज कांत ने की, जबकि कुशाल भट्ट ने नाटक का संगीत प्रस्तुत किया। शो का संचालन मोहम्मद यासीन ने किया।
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