जम्मू-कश्मीर में अपने बलबूते सरकार बनाने का दम भर रही भाजपा के लिए लद्दाख बड़ी चुनौती बन गया है। लद्दाख की एक मात्र लोकसभा सीट से सांसद थुपस्टान छिवांग पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे चुके हैं।
लेह स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद में भी भाजपा में टूट का दौर जारी हैं। ऐसे में 11 जनवरी से नई दिल्ली में होने जा रही भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा के आसार है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की बैठक में प्रदेश नेतृत्व के अलावा भाजपा के सांसद, पूर्व विधायक व एमएलसी भी हिस्सा लेंगे। साल 2014 लोकसभा चुनाव में जम्मू कश्मीर में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जम्मू संभाग की दोनों लोकसभा सीटों के साथ-साथ लद्दाख की एक मात्र लोकसभा सीट पर भी कब्जा जमाने में सफलता हासिल की थी।
हालांकि समय बीतने के साथ साथ लद्दाख के सांसद थुपस्टान छिवांग भाजपा से दूरी बनाते चले गए और आखिर में उन्होंने इस्तीफा दे दिया। हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया लेकिन वह पार्टी से दूरी बनाए हुए हैं और इस सीट पर भाजपा की दोबारा जीत पार्टी के लिए चुनौती रहेगी।
वहीं लेह स्वायत्त विकास परिषद के कई काउंसलर भाजपा से नाराज है। पूर्व मुख्य कार्यकारी काउंसलर डोरजे मोटुप के समर्थक माने जा रहे करीब पांच काउंसलरों के इस्तीफा देने के बाद लेह में भाजपा के लिए संकट बढ़ गया है।