उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर के लोगों की रोजगार और जमीन खोने सहित राष्ट्रीय नागरिकता पंजी से जुड़ी चिंताओं को दूर किया जाना चाहिए । उन्होंने जम्मू कश्मीर में विशेष दर्जा समाप्त करने को प्रदेश के लोगों के लिए बेहतर बताया।
उन्होंने कहा कि पहले जम्मू कश्मीर के लोग मुख्यधारा से अलग थलग महसूस कर रहे थे लेकिन अनुच्छेद 370 समाप्त किए जाने से यह बाधा दूर हो गई है जो उनके और शेष भारत के लोगों के बीच रूकावट बनी हुई थी। असम में राष्ट्रीय नागरिक पंजी के बारे में एक सवाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह लोगों के निष्कासन से जुड़ा विषय नहीं है बल्कि जो नागरिक हैं और जो नागरिक नहीं हैं, उनकी पहचान से जुड़ा विषय है। संवाद के दौरान उन्होंने नागरिकता विधेयक का समर्थन किया।