प्रवक्ता ने कहा कि गृह राज्यमंत्री की टिप्पणी से साफ है कि जम्मू-कश्मीर आपातकाल के बुरे दौर से गुजर रहा है। ऐसे बयान भारत के विचारों के साथ विश्वासघात हैं। गृह राज्य मंत्री का दावा अपने ही गृह मंत्री अमित शाह के बयान का खंडन कर रहा है जो कह रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में स्थिति सामान्य है।
प्रवक्ता ने पूछा कि अगर स्थिति सामान्य है तो संचार माध्यमों पर रोक क्यों है, राजनीतिक नेताओं को हिरासत में क्यों रखा गया है। वहीं पीडीपी प्रवक्ता फिरदोस टाक ने कहा कि भाजपा दोहरी भाषा बोल रही है। सौ दिन से विपक्षी नेताओं को नजरबंद करके रखा गया हैै। जम्मू-कश्मीर में कोई संविधानिक गारंटी नहीं है। अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद भाजपा की ओर से किसी के कुछ बोलने पर उसे जेल में डालने की धमकी दी जाती थी। कश्मीर में हालात सामान्य होने के दावों पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।