नेकां तीन साल बाद चुनाव करवाती है। पार्टी की ओर से ब्लॉक, जिला, संभाग स्तर पर चुनाव करवा दिए गए हैं। नेकां के संभागीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने बताया कि अगर चुनाव होते हैं तो जम्मू संभाग के करीब 180 ब्लाकों से भी सैकड़ों डेलीगेट्स शिरकत करेंगे।
नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) अध्यक्ष के लिए गुरुवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पांच दिसंबर सुबह तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी। पार्टी चुनाव शेड्यूल के तहत पांच दिसंबर को ही चुनाव करवाए जाएंगे। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का सर्वसम्मति से अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना है।
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लेकिन अगर चुनाव मैदान में कोई उम्मीदवार उतरता है, तो इसमें जम्मू और कश्मीर संभाग से हजारों पार्टी डेलीगेट्स मतदान करेंगे। इसके लिए दोनों संभागों में तैयारी चल रही है। चुनाव शेर-ए-कश्मीर शेख मोहम्मद अब्दुल्ला मजार हजरतबल में करवाना प्रस्तावित है और इसी दिन उनकी जयंती भी है।
नेकां तीन साल बाद चुनाव करवाती है। पार्टी की ओर से ब्लॉक, जिला, संभाग स्तर पर चुनाव करवा दिए गए हैं। नेकां के संभागीय अध्यक्ष रतन लाल गुप्ता ने बताया कि अगर चुनाव होते हैं तो जम्मू संभाग के करीब 180 ब्लाकों से भी सैकड़ों डेलीगेट्स शिरकत करेंगे। प्रत्येक 300 पंजीकृत सदस्यों पर एक डेलीगेट्स होता है।
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वर्ष 1981 में पहली बार नेकां अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने जून 2002 में पार्टी प्रमुख का पद छोड़ा था और अपने बेटे उमर अब्दुल्ला को यह जिम्मेदारी सौंपी थी। 2009 में उमर के मुख्यमंत्री बनने के बाद फारूक ने नेकां प्रमुख का कार्यभार दोबारा संभाला था। इसके लगभग आठ वर्ष बाद 2007 में अंतिम बार नेकां में संगठनात्मक चुनाव हुआ था और फारूक को फिर से अध्यक्ष चुना गया।
उस समय भी फारूक ने अपनी सेहत और वृद्धावस्था का हवाला देते हुए अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी लेने से इनकार किया था। लेकिन तत्कालीन परिस्थितियों और उमर व अन्य वरिष्ठ नेताओं की सहमती से वह निर्विरोध अध्यक्ष बने थे। हाल ही में फारूक ने अध्यक्ष पद छोड़ने की इच्छा जताई थी।