नेशनल कांफ्रेंस ने श्रीनगर स्थित अपने मुख्यालय नवा-ए-सुबह में बैठक की। जिसमें मौजूदा सरकार द्वारा नेकां नेताओं की सुरक्षा वापस लेने पर चर्चा की गई और रोष जताया गया। इस मौके पर नेकां प्रवक्ता जुनैद अजीम मटटू ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस राजनीतिक बर्ताव के चलते कई राजनीतिज्ञों की जिंदगी खतरे में डाल रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा राज्य पुलिस के राजनीतिकरण को पुलिस के उच्च अधिकारी चुपचाप देख रहे हैं।
मट्टू के अनुसार, जिस तरीके से सुरक्षा को हटाया गया है उससे साफ स्पष्ट होता है कि राज्य में इंसानी जान को सियासी आधार पर ही तरजीह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस महानिदेशक को स्वयं इसमें ध्यान देना चाहिए कि किस तरह से मौजूदा सरकार के नेताओं के कहने पर नेकां व अन्य दलों के नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को हटाया जा रहा है। मटटू ने कहा कि वह इस पर नजर रखेंगे।
अगर नेकां नेताओं की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ ऐसे ही होता रहा तो वह राज्यपाल एनएन वोहरा से मिलकर मौजूदा सत्ताधारी वर्ग द्वारा पुलिस के दुरुपयोग पर अपना एतराज जताएंगे। बैठक में नेकां के जनरल सेक्रेटरी अली मोहम्मद सागर, प्रांतीय अध्यक्ष नासिर असलम वानी आदि मौजूद थे। नेकां प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अगर पुलिस महानिदेशक को लगता है कि उनकी मौजूदा सरकार के नेताओं आगे नहीं चलती तो उन्हें राज्यपाल और केंद्रीय गृहमंत्री को पूरी स्थिति से अवगत कराना चाहिए।
उन्होंने कहा कि नेकां नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था का हटाया जाना मु यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के उस विचारधारा की पोल खोलता है जिसके अनुसार वह सियासत को विचारों की लडाई करार देते हैं। वह अपने खिलाफ उठने वाली किसी भी आवाज को दबाने के लिए ही राजनेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को हटा रहे हैं।