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जम्मू की सियासत: नेकां ने तीन बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई... तीन सीएम भी रहे; 1932 में बदला था पार्टी का नाम

Sun, 25 Aug 2024 11:42 AM IST
शाहरुख खान अरुण कुमार, अमर उजाला, जम्मू

सार

नेशनल कांफ्रेंस सत्ता के केंद्र में रही है। नेशनल कांफ्रेंस ने तीन बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। तीन मुख्यमंत्री भी इसी पार्टी के रहे हैं। 1932 में जम्मू-कश्मीर मुस्लिम कांफ्रेंस से नाम बदलकर नेशनल कांफ्रेंस किया था। 
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jammu kashmir assembly election 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कांफ्रेंस (एनसी) एक मात्र क्षेत्रीय दल है जिसका हमेशा सत्ता में डंका रहा है। 1962 से 2014 तक विधानसभा चुनावों में नेकां ने प्रदेश में तीन बार पूर्ण बहुमत तो दो बार गठबंधन की सरकार बनाई। नेकां से छह बार मुख्यमंत्री बने। इनमें दो बार पार्टी संस्थापक शेख अब्दुल्ला, तीन बार अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला और एक बार उमर अब्दुल्ला प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
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1932 में शेख अब्दुल्ला और चौधरी गुलाम अब्बास ने ऑल जम्मू-कश्मीर मुस्लिम कांफ्रेंस बनाई। राज्य के सभी लोगों का प्रतिनिधित्व हो इसके लिए 1939 में नाम बदलकर नेशनल कांफ्रेंस कर लिया। नेशनल कांफ्रेंस ने 1977 में 47 सीटें जीतकर पुर्ण बहुत की सरकार बनाई और शेख अब्दुल्ला मुख्यमंत्री बने। 

इसके बाद 1983 में के चुनाव में नेकां ने 46 सीटें जीती और फारुख अब्दुल्ला दूसरी बार मुख्यमंत्री बने (शेख अब्दुल्ला के निधन के बाद फारुख अब्दुल्ला 1982 से 1984 तक पहली बार मुख्यमंत्री बने)। 1996 में नेकां ने 87 में से 57 सीटें जीतकर अपने दम पर सरकार बनाई। 
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तीन बार मुख्यमंत्री रहे शेख अब्दुल्ला
चुनावी अखाड़े में नेशनल कॉन्फ्रेंस का दबदबा रहा है। 1972 के विधानसभा चुनावों में  नेशनल कांफ्रेंस 76 में 47 सीटें जीतकर सत्ता में आई और शेख मोहम्मद अब्दुल्ला 26 मार्च 1977 तक मुख्यमंत्री रहे। जुलाई 1977 तक राज्यपाल शासन के बाद हुए चुनावों में एक बार फिर नेशनल कांफ्रेंस ने 76 में से 46 सीटें जीती और शेख मोहम्मद अब्दुल्ला नौ जुलाई 1977 से लेकर दो जुलाई 1984 (मृत्यु) तक दूसरी बार मुख्यमंत्री रहे। 

1982 से 1984 तक उनके पुत्र डॉ. फारुख अब्दुल्ला मुख्यमंत्री रहे। 1987 के चुनाव डॉ. फारुख अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुए और नेशनल कांफ्रेंस 76 में से 40 सीटें जीती। डॉ. अब्दुल्ला दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। इसके बाद 1990 से 1996 तक राज्यपाल शासन रहने के बाद हुए चुनावों में नेशनल कांफ्रेंस ने 87 में से रिकॉर्ड 57 सीटें जीतीं और डॉ. फारुख अब्दुल्ला तीसरे बार मुख्यमंत्री बने। 

 
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इसके बाद 2002 से 2005 और 2005 से 2009 तक पार्टी सत्ता से बाहर रही। लेकिन 2009 में हुए चुनावों में नेशनल कांफ्रेंस ने 87 में से 28 सीटें जीतकर कांग्रेस के साथ चुनाव के बाद हुए गठबंधन से सरकार बनाई और उमर अब्दुल्ला पहली बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

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