परिसीमन आयोग की बैठक में शामिल न होने पर कहा कि पांच अगस्त 2019 को जो कुछ भी किया गया उसे हम स्वीकार नहीं करते हैं। यदि वह स्वीकार नहीं तो परिसीमन आयोग को कैसे स्वीकार किया जा सकता है। मुख्यमंत्री रहते उन्होंने 2026 तक परिसीमन स्थगित किया था तो आखिर क्या कारण है कि पूरे देश की बजाय कुछ राज्यों को इसके लिए चुना गया। यदि पूरे देश में परिसीमन होता तो नेशनल कांफ्रेंस खुशी-खुशी इसका हिस्सा बनती लेकिन जानबूझकर जम्मू-कश्मीर को चुना गया। इस वजह से वे साथ नहीं हैं।