इसी साल फरवरी महीने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने नेकां(नेशनल कांफ्रेंस) को परिसीमन आयोग की बैठक में शामिल होकर जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने का सुझाव दिया था।आजाद ने कहा कि एक अच्छे संकेत के साथ नेकां सांसदों को परिसीमन आयोग की बैठक में प्रभावी ढंग से अपनी बात रखनी चाहिए। डॉ. फारूक अब्दुल्ला आयोग की बैठक का हिस्सा बनें। वह बैठक में शामिल न होकर भाजपा को फ्री हैंड दे रहे हैं।