श्रीनगर में पुलिस द्वारा नशा मुक्ति सेवाओं के पांच साल पूरे होने पर जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा कश्मीर यूनिवर्सिटी के गांधी भवन में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस मौके पर मुख्य अतिथि जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजीपी अब्दुल गनी मीर ने कहा कि घाटी में अतिवाद के बाद अगर कोई गंभीर चीज है तो वो है नशा मुक्ति।
आजकल समाज में नशे की लत फैलती जा रही है। उन्होंने नशा मुक्ति के खिलाफ उठाए गए कदम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस द्वारा सात साल पहले नशा मुक्ति केंद्र की शुरूआत की गई थी, जिसका मुख उद्देश्य था नशा मुक्ति की सेवाएं प्रदान करना। उन्होंने यह भी कहा कि वह केंद्र द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं से काफी संतुष्ट हैं।
उम्मीद जताई कि यह केंद्र ऐसे ही नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा। इस मौके पर यूनिवर्सिटी के छात्रों के अलावा कश्मीर यूनिवर्सिटी के डीन (एकेडमिक्स) प्रोफेसर मोहम्मद अशरफ वानी, कश्मीर यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रोफेसर अहमद, डीआईजी मध्य कश्मीर सैयद आफादुल मुज्तबा, निदेशालय (डीएलएल) ग़ुलाम हस्सन मीर, एसपी नशा मुक्ति मनोज पंडिता, निदेशक नशा मुक्ति सेवाएं डा. मुजफ्फर खान के अलावा कई अन्य अतिथि उपस्थित थे।
इस अवसर पर केंद्र की पांच साल की सेवाएं पूर्ण होने पर सौवर्णिर हयात भी रिलीज किया गया। उन लोगों को सर्टिफिकेट दिए गए, जिन्होंने नशे से मुक्ति पाने के साथ-साथ इलेक्ट्रीशियन का कोर्स पूरा किया था।