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Narco Terror Network : लश्कर के लिए काम कर रहे थे पोर्टर, मंजीत का हैंडलर विदेश में, ऐसे रची जाती थी साजिश

Sat, 14 Oct 2023 04:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अजय मीनिया, जम्मू

सार

इसका नेटवर्क चलाने वाले सेना के पोर्टरों का सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन लश्कर-ए तैइबा के साथ निकला है जबकि पंजाब का नशा तस्कर मंजीत सिंह विदेश (संभवत: सउदी अरब) में बैठे हैंडलर के कहने पर काम कर रहा था। 
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file pic - फोटो : साकिब नबी
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विस्तार
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अंतरराज्यीय नारको आतंकवाद मामले में एक और बड़ी जानकारी सामने आई है। इसका नेटवर्क चलाने वाले सेना के पोर्टरों का सीधा कनेक्शन पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठन लश्कर-ए तैइबा के साथ निकला है जबकि पंजाब का नशा तस्कर मंजीत सिंह विदेश (संभवत: सउदी अरब) में बैठे हैंडलर के कहने पर काम कर रहा था। 

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विदेश में बैठा हैंडलर और पाकिस्तान में लश्कर हैंडलर ने ही मिलकर कुपवाड़ा से नेटवर्क चलाया। इसमें कुपवाड़ा के रहने वाले सेना के लिए काम कर रहे पोर्टरों और पंजाब के नशा तस्कर मंजीत सिंह को शामिल किया गया। मंजीत सिंह सीमा पार से आने वाली नशे की खेप से पैसा कमाकर विदेश में भेज रहा था। विदेश से फिर यह पैसा आतंकी संगठन लश्कर को जा रहा था जबकि लश्कर यह पैसा पाकिस्तान से आगे आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करता था। बता दें कि कुपवाड़ा के रहने वाले बशीर अहमद, नजीर अहमद और कलामदीन सेना के लिए पोर्टर का काम करते हैं। इनमें से नजीर का मामा पाकिस्तान में है। जिसके जरिए वह लश्कर के संपर्क में आया। इसके बाद इसने बाकी के लोगों को अपने साथ जोड़ा।

बता दें कि कुपवाड़ा से गिरफ्तार आरोपियों की बात लश्कर हैंडलर से व्हाट्सएप पर होती थी जबकि मंजीत सिंह की बात भी विदेश में बैठे हैंडलर से व्हाट्सएप पर होती थी। बात करने के बाद यह चैटिंग और अन्य डिलीट कर देते थे। व्हाट्सएप पर इनको खेप भेजने की लोकेशन भेजी जाती थी। यहीं से यह लोग अपना नेटवर्क चलाते थे।
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जेल में बंद मोमीन मीर से पूछताछ संभव
सूत्रों का कहना है कि पुलिस इस मामले में कुपवाड़ा के रहने वाले कुख्यात नशा तस्कर और आतंकी मोमीन मीर से पूछताछ कर सकती है। क्योंकि मोमीन मीर का मामा पाकिस्तान में रहता है। मोमीन को कुपवाड़ा में नशा तस्करी मामले में तीन साल पहले गिरफ्तार किया गया था। संभव है कि जेल में बैठ कर मोमीन मीर ने इस पूरे नेटवर्क की कहानी लिखी हो। यह भी पुलिस के राडार पर है। मोमीन को 11 जून 2021 को 100 करोड़ की हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था।

अब मामले की जांच यूएपीए में होगी
रामबन पुलिस द्वारा नारको मामले की जांच अब नशा तस्करी के मामले की जगह गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम(यूएपीए) के तहत चलेगी। क्योंकि अब इस मामले के तार सीधे तौर पर आतंकी संगठन लश्कर-ए तैइबा के साथ जुड़ गए हैं। इसलिए पुलिस ने यूएपीए के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

पंजाब के आरोपी चार, कुपवाड़ा के सात दिन की रिमांड पर
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार पंजाब के आरोपी मंजीत सिंह और मोहम्मद शफी को 4 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। जबकि कुपवाड़ा से गिरफ्तार नजीर, कौफील, कलामदीन, बशीर और सफीर को 7 दिन की रिमांड पर लिया है।

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