शुरूआती जांच में पता चला है कि मारे गए तीनों आतंकी पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के थे। ये तीनों कठुआ के हीरानगर बॉर्डर से घुसे थे। यह आतंकी दियालाचक से ट्रक में बैठे थे। यह तीनों पाकिस्तानी थे, जिनके पास से भारी संख्या में हथियार बरामद किए गए हैं। संभवत: आतंकी किसी बड़े हमले की फिराक में थे। इनको ले जाने वाले तीनों ओवरग्राउंड वर्कर भी पकड़े गए हैं। मामले में पूछताछ जारी है। -दिलबाग सिंह, डीजीपी, जेके पुलिस
जिस जगह के बारे पुलिस की तरफ जानकारी दी गई है, वहां पर बीएसएफ की टीम ने दौरा किया है। मौके पर कहीं से फेंसिंग नहीं कटी हुई है। न ही घुसपैठ की कोई जानकारी है। अभी तक उन लोगों से भी बात नहीं हुई, जिन्होंने इसकी जानकारी दी है। बॉर्डर से घुसपैठ की पुष्टि होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।- अखिलेश्वर सिंह, डीआईजी, बीएसएफ
बन टोल प्लाजा पर मारे गए तीनों जैश के आतंकी तीन दिन पहले घुसपैठ कर दाखिल हुए थे। माना जा रहा है कि इन्हें मानसर के रास्ते कश्मीर जाना था। लेकिन किसी वजह से उन्होंने जम्मू-श्रीनगर हाईवे का रास्ता चुन लिया। बताते हैं कि बेई नाले से घुसपैठ करने के बाद वे घगवाल और कूटा तक पहुंचे। यहां से वे सांबा के चीची माता मंदिर तक आए जहां से मानसर का रास्ता पकड़ना था। घटना के बाद देर शाम सुरक्षा एजेंसियों की टीम पकड़े गए लोगों को साथ लेकर सांबा पहुंची। यहां चीची माता मंदिर के पास उन्होंने क्राइम सीन क्रिएट कर काफी देर तक जांच पड़ताल की।