जम्मू संभाग के बन टोल प्लाजा नगरोटा आतंकी हमले में पकड़े गए छह आतंकवादियों के मददगार(ओजीडब्ल्यू) अब एनआईए(राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) की हिरासत में रहेंगे। विशेष अदालत में एनआईए ने अर्जी दी थी कि आरोपियों को पुलिस की हिरासत से उन्हें को सौंपा जाए।
इस पर शनिवार को एनआईए की विशेष अदालत ने एनआईए की अर्जी को मंजूर कर लिया। इससे पहले कोर्ट में केस की डिटेल और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सौंपे गए। आरोपियों से जब्त संपत्ति और अन्य सामान भी एनआईए के पास भेज दिया गया है, जिसकी गहनता से जांच होगी।
बता दें कि 31 जनवरी को बन टोल प्लाजा पर तीन पाकिस्तानी आतंकी मारे गए थे। यह तीनों ट्रक में छिपकर कश्मीर जा रहे थे। जिन्हें तीन ओजीडब्ल्यू लेकर जा रहे थे। सुरक्षाबलों ने मौके पर ही तीन आतंकी ढेर कर दिए और तीन ओजी वर्कर समीर अहमद डार, आसिफ अहमद मलिक और सरताज अहमद मंटू को पकड़ लिया।
इनसे पूछताछ के बाद पुलिस ने सुहैल जावेद, जाहूर अहमद और मंजूर अहमद को दबोचा। यह सभी आतंकियों के लिए काम कर रहे थे। हाल ही में पुलिस ने ओजी वर्कर को रिमांड पर लिया था। जिसे एनआईए ने रद्द कर दिया और अब नई रिमांड एनआईए को दी गई है।