श्रीनगर नगर निगम ने एक मरे हुए व्यक्ति के नाम पर निजी इमारत बनाने की अनुमति दे दी। इसका खुलासा एंटी करप्शन ब्यूरो की कश्मीर विंग ने किया है। ब्यूरो में इस मामले में केस दर्ज किया गया है। वर्ष 2009 में नगर निगम ने गुलाम कादिर सोफी नाम के शख्स के नाम पर इमारत बनाने की अनुमति जारी की। लेकिन पता चला कि जिसके नाम पर अनुमति दी गई, उसकी मौत 14 जून 2008 को हो गई थी।
मृतक के बेटे मोहम्मद आरिफ ने नगर निगम श्रीनगर के अधिकारियों के साथ सेटिंग करे यह अनुमित ले ली। ब्यूरो ने रिटायर हो चुके पूर्व वार्ड आफिसर अब्दुल सलाम, गुलाम डार, तत्कालीन इंस्पेक्टर मोहम्मद यूसुफ के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन लोगों ने दो इमारतों की अनुमति नियमों को ताक पर रख कर जारी की थी। मामले की जांच की जा रही है।
कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो ने ही एक अन्य मामले में जेडईओ और सीनियर असिस्टेंट अकाउंटेंट के खिलाफ केस दर्ज किया। कुकरनाग के रहने वाले गुलाम अहमद वानी ने लिखित शिकायत की थी। बताया कि जेडईओ काजीगुंड इम्तियाज अहमद ने उनसे संपर्क किया। दोनों में बातचीत हुई।
गुलाम मोहम्मद ने काजीगुंड क्षेत्र में स्कूल के कुछ हिस्से का निर्माण किया। इसके लिए पैसे जारी करने के लिए जेडईओ ने पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाकर जेडईओ और एक अन्य को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ लिया। अब केस दर्ज कर लिया गया है।