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प्रार्प्टी टैक्स लगाने पर पड़ेगा जनता पर अतिरिक्त बोझ : निर्दलीय पार्षद

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जम्मू। शहर में प्रापर्टी टैक्स लगाने के लिए नगर निगम में सहमति नहीं बन पा रही है। विपक्षी पार्षद इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि टैक्स लगने से जनता पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। पहले भी हाउस टैक्स लगाने पर विरोध जताया जा चुका है, अब प्रापर्टी टैक्स लगाने पर विरोध होगा।
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भाजपा पार्षदों का कहना है कि प्रापर्टी टैक्स लगाने पर हाउस में फैसला लिया जा सकता है। अगर सभी इसे पास करते हैं तो प्रस्ताव मंजूरी के बाद लागू किया जाए। अभी तक प्रशासनिक कार्रवाई चल रह है। आगे गाइडलाइन पर काम पूरा होना है। सब तय होने के बाद ही हाउस में मंजूरी के लिए प्रस्ताव आना है। प्रापर्टी टैक्स से नगर निगम की आय में बढ़ोतरी होगी। इस राशि को विकास कार्यों पर खर्च किया जा सकेगा।
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प्रापर्टी टैक्स लगाने पर मेयर चंद्र मोहन गुप्ता ही फैसला ले सकते हैं। यह प्रस्ताव हाउस में सर्वसम्मति से पास होता है तो इसे लागू किया जाए। आय में बढ़ोतरी होगी, जिससे विकास कार्य करवाए जा सकेंगे।
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- जीत राम अंगराल, चेयरमैन, पूर्व सोशल जस्टिस कमेटी
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भाजपा सरकार जो भी तय करेगी, मान्य होगा। नगर निगम के जनरल हाउस में मसले को मंजूरी के बाद ही पास करवाया जाए। इसमें सभी पार्षदों की राय ली जाए, तभी प्रस्ताव पास किया जाएगा।
- ज्योति कुमारी, पार्षद, भाजपा
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प्रापर्टी टैक्स लगाने से आय में बढ़ोतरी होगी। इससे कई प्रोेजेक्टों पर काम शुरू होगा। इस पर काम शुरू हो रहा है, हाउस में अंतिम फैसला सर्वसम्मति से ही लिया जाएगा।
- बलदेव सिंह बलोरिया, पूर्व चेयरमैन, हेल्थ एंड सैनिटेशन कमेटी
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किसी भी सूरत में हाउस टैक्स नहीं लगना चाहिए। टैक्स लगने से गरीब जनता पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। पहले भी हाउस में टैक्स का विरोध किया जा चुका है। इस बार भी विरोध जताया जाएगा। लोगों पर दबाव नहीं पड़ने दिया जाएगा।
- गौरव चोपड़ा, पार्षद, कांग्रेस
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हर बार नया कर आ जाता है। यह सहन नहीं होगा। पहले ही लोग कर देने की स्थिति में नहीं हैं। प्रापर्टी टैक्स लगाकर लोगों को जीवनयापन करना मुश्किल हो जाएगा। यह लागू नहीं होना चाहिए।
- रितु चौधरी, पार्षद, निर्दलीय
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प्रापर्टी टैक्स नहीं लगना चाहिए। इसका विरोध करेंगे। पहले हाउस में भी स्पष्ट किया गया है। कर लगने से लोगों की मुश्किल बढ़ेगी। मौजूदा समय में लोगों पर किसी भी तरह का कर नहीं लगना चाहिए।
- प्रीतम सिंह, पार्षद, निर्दलीय
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नगर निगम के दायरे में प्रापर्टी टैक्स नहीं लगना चाहिए। कारोना संक्रमण के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। लोग अतिरिक्त कर नहीं दे सकेंगे। इस फैसले को वापस लिया जाए। पहले ही लोग टोल टैक्स, बिजली की महंगी दरों पर बिलों का भुगतान कर रहे हैं।
- अमित गुप्ता, पार्षद, निर्दलीय
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संपत्ति कर लगाने के बजाय
बेरोजगारी दूर करे सरकार
जम्मू। सर्वशक्ति सेना जेएंडके ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर समितियों में संपत्ति कर लगाने के फैसले की आलोचना की है। अध्यक्ष राजन गुप्ता ने कहा कि अर्थव्यवस्था की मंदी के कारण लोग पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। अब अनावश्यक कर लगाने से लोगों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सरकार को बेरोजगारी से निपटने, सामान्य रूप से देश के आर्थिक ढांचे और विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर को उन्नत करने के लिए कदम उठाने चाहिए।
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विफलताएं छिपाने को जनविरोधी फैसले ले रही भाजपा : कांग्रेस
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मीर ने कहा, संपत्ति कर लगाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण
जम्मू। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीए मीर ने कहा कि भाजपा अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए जम्मू-कश्मीर में लगातार जनविरोधी फैसले ले रही है। लोगों की वास्तविक समस्याओं और चिंताओं को दूर करने में नाकाम रही है। प्रदेश में संपत्ति कर लगाने का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है।
पार्टी मुख्यालय में मीर ने कहा कि सरकार के फैसले लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर रहे हैं और कांग्रेस ऐसे फैसलों का विरोध करती है। आर्थिक संकट, पेट्रोलियम और अन्य उत्पादों की कीमतों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी से आम आदमी परेशान हैं। विभिन्न प्रकार के भारी कर लगाने से आम आदमी की रीढ़ टूट गई है। लॉकडाउन और अन्य परिस्थितियों से जम्मू-कश्मीर में तीर्थ यात्रा, पर्यटन और व्यापार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, लेकिन भाजपा सरकार आम आदमी पर करों का भारी बोझ डाल रही है। सरकार ने नए टोल प्लाजा शुरू करके भी लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाया है। बिजली के निजीकरण से भी जम्मू-कश्मीर के लोग प्रभावित होंगे।
पूर्व मंत्री रमण भल्ला ने कहा कि जनता भाजपा के कर शासन से पीड़ित है और यह व्यवस्थाएं किसी आतंकवाद से कम नहीं हैं। जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी से लोगों की दिक्कतें बढ़ी हैं। सरकार ने ढेर सारे कर लोगों पर थोप दिए हैं। सरकार की खनन नीतियां गलत हैं। जम्मू-कश्मीर के लोग बुनियादी जरूरतों से वंचित हो रहे हैं। एलओसी और सीमाओं पर गंभीर स्थिति बनी हुई है। सैनिकों और नागरिकों की शहादत का सिलसिला जारी है। पूर्व मंत्री मूलाराम ने कहा कि भाजपा सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लोगों की वास्तविक समस्याओं की अनदेखी की है। बैठक में ठाकुर मनमोहन सिंह, योगेश साहनी, मोहम्मद आमीन भट्ट, रजनीश शर्मा, हरि सिंह चिब, ठाकुर शिव देव आदि मौजूद रहे।
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