बकाया वेतन के लिए फीमेल मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ मोर्चा खोला। वर्करों ने स्वास्थ्य निदेशालय से रैली निकाल नारेबाजी की। प्रदर्शन पर उतरे वर्करों ने कहा कि एक साल से वेतन जारी न करने से उनके सभी त्योहार फीके गए हैं। घरों में दो वक्त की रोटी जुटाना भी मुश्किल हो रहा है, लेकिन विभाग को इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अगर नियमित वेतन का मामला दस नवंबर तक हल न किया गया तो वे आंदोलन तेज करेंगे।
स्वास्थ्य निदेशालय में प्रदर्शन के बाद वर्करों ने दोपहर को रैली की शक्ल में शहर की ओर कूच किया। रैली एमएलए हास्टल, इंदिरा चौक, हरि मार्केट से होती हुई वापस निदेशालय में संपन्न हुई। वक्ताओं ने कहा कि अंडर 2211 फैमिली वेलफेयर हेड में जम्मू संभाग के सब सेंटरों में कार्यरत फीमेल मल्टी पर्पज हेल्थ वर्करों को 10 से 14 माह का वेतन जारी नहीं किया गया है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। वर्करों को सभी त्योहार आर्थिक संकट में मनाने पड़े हैं।
उन्होंने मांग की कि 2211 हेड के अधीन वर्करों के वेतन का स्थायी हल किया जाए। इस बीच एसएचटीओ नगरोटा के तकनीकी स्टाफ सुरेंद्र पाल सिंह के नेतृत्व में धरने में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि नगरोटा में भी स्टाफ को 4 से 6 माह का वेतन जारी नहीं किया गया है।
इस दौरान जम्मू-कश्मीर मेडिकल इंप्लाइज फेडरेशन के प्रधान सुशील सूदन ने कहा कि वेतन न मिलने से वर्करों को रसोई चलाना मुश्किल हो रहा है। वर्करों के आंदोलन में फेडरेशन पूरा समर्थन देगी। प्रदर्शन में महिला देवी, नैंसी भान, उर्मिल, नीलम कुमारी, कमला देवी, विनोद शर्मा, शाम पराशर आदि शामिल रहे।