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गिलानी के उत्तराधिकारी बने सेहरई, 13 साल तक हुर्रियत के पद पर रहे सैयद अली शाह गिलानी

Sun, 19 Aug 2018 11:08 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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मोहम्मद अशरफ सेहरई
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तहरीक ए हुर्रियत के चेयरमैन पद पर मोहम्मद अशरफ सेहरई निर्वाचित घोषित किए गए हैं। अब वे सैयद अली शाह गिलानी के उत्तराधिकारी होंगे। तीन साल के लिए उन्हें चेयरमैन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गिलानी पिछले 13 साल से इस पद पर थे। 

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श्रीनगर कार्यालय पर पिछले सप्ताह इस पद के लिए वोट पड़े थे। रविवार को 100 कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में हुई वोटों की गिनती में सेहरई को 433 में से 410 वोट मिले। इससे पहले सेहरई को गिलानी ने इस पद पर नामित किया था। मतों की गिनती के बाद सेहरई को इस पद की शपथ दिलाई गई। गिलानी को शपथ दिलाना था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के कारण वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। इस पर संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने सेहरई को शपथ दिलाई। 

शपथ ग्रहण के बाद सेहरई ने कहा कि अनुच्छेद 35-ए को 1927 में महाराजा के शासनकाल में लागू किया गया था। इसके साथ किसी प्रकार का छेड़छाड़ का प्रयास रियासत की डेमोग्राफी से बदलाव को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। सेहरई ने पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की आलोचना करते हुए कहा कि वह इस पर बयानबाजी बंद करें। उनके दादा शेख अब्दुल्ला ने सत्ता की खातिर भारत को कश्मीर सौंप दिया। 
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कश्मीर समस्या के लिए अब्दुल्ला परिवार जिम्मेदार है। नेकां, पीडीपी, कांग्रेस सभी कश्मीर में भारत के शासन को स्वीकार करती रही हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या दिन ब दिन गंभीर होती जा रही है। अलगाववादी खेमा इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। तहरीक ए हुर्रियत ज्वाइंट रेजिस्टेंस लीडरशिप के आंदोलन को समर्थन देगी। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों ने कभी भी विलय को स्वीकार नहीं किया है। इस वजह से 35-ए के जरिये डेमोग्राफी बदलने की कोशिश की जा रही है।

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