राज्य के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने वीरवार को सलामाबाद उड़ी में स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कई फैसलों की घोषणा की जिससे क्त्रसॅस एलओसी व्यापार समेत यात्रा को और मजबूत बनाया जा सके। वर्ष -2005 में मुख्यमंत्री के तौर पर उनके पहले कार्यकाल के दौरान आर-पार यात्रा शुरू होने के 10 वर्ष बाद मुफ्ती ने कमान पोस्ट का भी दौरा किया।
क्रास एलओसी व्यापार को दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण (सीबीएम) कांफि डेंट बिल्डिंग मेजर बताते हुए मुफ्ती ने कहा कि बिछड़े परिवारों के अलावा पीपुल-टु-पीपुल कांटेक्ट बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने केंद्र सरकार को इस पर गौर करने को कहा है ताकि सांस्कृतिक टोलियों, छात्रों, श्रद्धालुओं समेत पर्यटकों को एलओसी के आर-पार जाने में कोई परेशानी न हो। मुफ्ती मोहम्मद सईद शुक्त्रस्वार को पुंछ के चकां-द-बाग का भी दौरा कर वहां के इंतजामों की समीक्षा करेंगे।
मुफ्ती के समक्ष उद्योग तथा वाणिज्य मंत्री चंद्र प्रकाश, जीओसी -15 कोर लेफ्टिनेंट जनरल सुब्रत साहा, उद्योग तथा वाणिज्य के फाइनेंसियल कमिश्नर खुर्शीद गनई, एमएचए ज्वाइंट सेक्रेटरी (के )राजित पुहानी, एमईए ज्वाइंट सेक्रे टरी रेट्री रुद्रेंद्र टंडन, डीजीपी पुलिस के. राजिंद्रा, प्रिंसिपल सेक्रेटरी होम आरके गोयल, डीसी कश्मीर असगर समून के इलावा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
सलामाबाद में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा प्रिंसिपल सेक्रेटरी को व्यापार संबंधित चर्चा के लिए मुज्जफराबाद जानेवाले प्रतिनिधिमंडल के जल्द क्लीयरेंस के लिए एमएचए के साथ संपर्क साधने को कहा। सीमा पार से दो बार व्यापारी प्रतिनिधिमंडल राज्य का दौरा कर चुका है जबकि यहाँ से अभी तक कोई नहीं गया। इस मौके पर एमईए के ज्वाइंट सेक्रेटरी ने आश्वासन दिलाया कि भारत और पाकिस्तान के ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप (जेडब्ल्यूजी) की अगली बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा व्यापारियों के लिए आईएसडी सुविधा को लेकर भी जोर दिया गया और साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि ट्रकों और यात्रियों के क्लीयरेंस के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाए ताकि परेशनी कम हो। एसओपी के अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा सलामाबाद में ट्रकों की क्लीयरेंस के लिए जेकेपी को इसका जिम्मा दिया। मुख्यमंत्री द्वारा बुनियादी ढांचे के अपग्रेड के लिए एमएचए और एमईए को ध्यान देने को कहा और कहा कि फुल बॉडी स्कैनर भी लगवाए जाएं।
उद्योग तथा वाणिज्य के फाइनेंसियल कमिश्नर खुर्शीद गनई द्वारा मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि सलामाबाद उड़ी के रास्ते करीब 1700 करोड़ के माल का निर्यात किया गया जबकि 1400 करोड़ का माल आयात किया गया। वहीं, चकां-दा-बाग के रास्ते करीबन 500 करोड़ के माल का निर्यात किया गया जबकि 460 करोड़ का माल आयात किया गया।