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मुख्यमंत्री मुफ्ती को है इस बात का मलाल

Sat, 18 Jul 2015 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने गिरधारी लाल डोगरा के जन्मशती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में कहा कि वे सत्ता के लोभी नहीं हैं। मुफ्ती ने कहा, उनका ख्वाब है कि रियासत का दिल दिल्ली से जुड़े। इसमें वे काफी हद तक सफल भी रहे, लेकिन अपनी ही रियासत में जम्मू का कश्मीर से दिल जोड़ पाने में सफल नहीं हो पाए। दरअसल गठबंधन सरकार में भाजपा तथा पीडीपी के सहयोगी होने के बाद भी कई मुद्दों पर दोनों दलों के मतभेद सार्वजनिक हो चुके हैं।
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पीडीपी नेता गठबंधन पर पुनर्विचार करने की सलाह दे चुके हैं तो भाजपा भी अलगाववाद और अफस्पा जैसे मुद्दे पर खुलेआम चेतावनी दे चुकी है। दोनों दलों के नेताओं की आपसी बयानबाजी से उभर रहे मतभेदों की पीड़ा मुफ्ती के चेहरे पर साफ झलकी। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि पूरे रियासत में सुख तथा शांति का माहौल बने। 2002-2005 के शासनकाल में जिस तरह उन्होंने लोगों की सेवा की वैसा माहौल बने। उन्होंने विश्वास दिलाया कि किसी के साथ भेदभाव नहीं होने पाएगा।

रियासत के तीनों खित्तों का समान रूप से विकास होगा। कहा कि वे अक्सर गठबंधन सरकार को उत्तरी तथा दक्षिणी ध्रुव का मिलन कहते हैं तो इसके पीछे उद्देश्य यही छिपा है कि अलग-अलग विचारधाराओं के होने के बाद भी विकास के लिए वे एक हुए हैं। मुफ्ती ने एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे जम्मू-कश्मीर में अमन की बहाली चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कई कदम भी उठाए थे। वे भी वाजपेयी के सपनों को रियासत में पूरा होते देखना चाहते हैं। इसके लिए जरूरी है कि सबका साथ मिले। कहा कि सबका साथ मिलेगा तो ही बात बनेगी।
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