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रुबिया अपहरण व एयरफोर्स अधिकारियों के हत्याकांड के केस ट्रांसफर पर फैसला सुरक्षित

Tue, 12 Mar 2019 12:00 AM IST
Pranjal Dixit न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू

सार

  • सीबीआई ने श्रीनगर से जम्मू बेंच में केस ट्रांसफर के लिए की थी अपील
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद और उनकी बेटी रूबिया सईद - फोटो : फाइल, अमर उजाला
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विस्तार
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पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबिया सईद के अपहरण और पांच एयरफोर्स अधिकारियों की हत्या के केस ट्रांसफर की अपील पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। सीबीआई की इस अपील पर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल ने सोमवार को सुनवाई की। 
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इसमें सीबीआई ने आशंका जताई थी कि आरोपी यासिन मलिक प्रभावशाली होने के कारण केस को प्रभावित कर सकता है। इसलिए इन केसों को जम्मू बेंच में ट्रांसफर करने की अपील की थी। 

गत 6 मार्च को हाईकोर्ट ने दूसरे पक्ष को एक दिन में आब्जेक्शन रिपोर्ट दाखिल करने का भी समय दिया था। इसके बाद सोमवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
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क्या है रुबिया अपहरण केस
आठ दिसंबर, 1989 को भारत के तत्कालीन गृहमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी डॉ. रुबिया सईद का बटमालू में हथियारों के बल पर अपहरण कर लिया गया था। इसके बाद उसकी रिहाई के बदले अजहर मसूद सहित कई आतंकियों को छोड़ने की मांग की गई थी। आतंकियों को छोड़ने के बाद ही अपहरणकर्ताओं ने रुबिया को मुक्त किया था। इस संदर्भ में श्रीनगर थाने में केस दर्ज हुआ था। राज्य सरकार की सिफारिश पर 22 फरवरी, 1990 को सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। 18 सिंतबर, 1990 को सीबीआई ने चार्जशीट दायर की थी, जिसके बाद से मामले में सुनवाई जारी है।

क्या है एयरफोर्स अधिकारियों का हत्याकांड
रुबिया अपहरण के कुछ ही महीने बाद श्रीनगर थाने में एक और बड़ा केस दर्ज हुआ। 25 जनवरी, 1990 की सुबह साढ़े सात बजे एयरफोर्स के 40 अधिकारियों पर संतनगर क्रॉसिंग पर आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी, जिसमें एक महिला समेत 40 अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसमें से दो की मौके पर मौत हो गई थी और तीन की बादामी बाग हॉस्पिटल श्रीनगर में इलाज के दौरान। इस मामले की जांच भी बाद में सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने इस केस में 31 अगस्त, 1990 को हाईकोर्ट में चार्जशीट दायर की। फिलहाल इस मामले में सुनवाई जारी है। 
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