नौ महीने की भाजपा-पीडीपी सरकार की राज्य के पुलिस अधिकारियों पर मेहरबानी रही है। करीब आधा दर्जन कैबिनेट बैठकों में एक बार ही पुलिस विभाग में तबादले किए गए।
इसमें दोनों संभागों के आईजी बदले गए, जबकि कई पुलिस अधिकारी महीनों से पुलिस मुख्यालयों में अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं।
इनमें आईपीएस और केपीएस अधिकारी शामिल हैं। वहीं आधा दर्जन डीआईजी अपने प्रमोट होने का आठ महीनों से इंतजार कर रहे हैं।
हर बार होने वाली कैबिनेट बैठक में पुलिस विभाग के अधिकारियों को लेकर खींचतान रहती है। इसका असर पुलिस पर पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार आईपीएस अधिकारी श्रीराम दिनकर, विनोद कुमार पिछले कई महीनों से पुलिस मुख्यालय में अपनी पोस्टिंग के इंतजार में हैं।
एडीजी बनाए गए दिलबाग सिंह पिछले तीन महीने से पोस्टिंग के इंतजार में हैं, उनको पुलिस अकादमी में भेजा गया है, लेकिन पद सृजित नहीं किया गया। ऐसे ही 17 डीएसपी को एसपी बनाया गया, लेकिन पोस्टिंग न मिलने से अभी बतौर डीएसपी ही काम कर रहे हैं।
डीआईजी जॉनी विलियम, अलोक कुमार, गरीब दास, एके अत्री आठ महीने से प्रमोट होने का इंतजार कर रहे हैं। पिछले एक साल से जिला पुलिस अधिकारियों, डीआईजी स्तर के अधिकारियों के तबादले नहीं हुए। माना जा रहा है कि अब होने वाली कैबिनेट की बैठक में पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल होगा।