फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

36 बार इस महल में लग चुकी है आग, फिर भी रौनक है बरकरार

Sun, 20 Jul 2014 10:52 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
विज्ञापन
मंदिरों के शहर कहे जाने वाले जम्मू में वास्तुकला के एक बढ़कर एक नमूने देखने को मिल सकते हैं। जम्मू पर ज्यादातर डोगरी राजाओं का शासन रहा है। उन्होनें इस दौरान यहां के राजाओं ने कई महलों का निर्माण करवाया। इसी का एक बेहतरीन नमूना मुबारक मंडी पैलेस है। ये जम्मू और कश्मीर राज्य के जम्मू शहर में स्थित है।
विज्ञापन


इस महल का इतिहास लगभग 150 वर्ष पुराना है। यह महल डोगरा राजाओं का शाही आवास हुआ करता था। इस महल की विशेष बात है यह कि इस महल को बनाने के लिए तीन निर्माण की शैलियों उपयोग किया है। इस महल में बेहतरीन शिल्पकारी की मिसाल के तौर पर कईं सुंदर और उत्कृष्ट इमारतें हैं। महल का वास्तु यूरोपीय, मुगल और राजस्थानी शैली से लिया गया है, जो विभिन्न संस्कृतियों के अनूठे संगम को पेश करता है।

इस महल का सबसे प्राचीन ढांचे का निर्माण वर्ष 1800 की शुरूआत में हुआ था। यह महल डोगरा राजवंश के शासकों का प्रमुख शाही निवास हुआ करता था। यह महल तवी नदी के तट पर होने कारण इसकी खूबसूरती में और चार चांद लग जाते हैं। इस महल के अंदर कई छोटे-छोटे परिसर मौजूद हैं। डोगरा शासकों के वारिसों ने इन इमारतों की संख्या में बढ़ोत्तरी की है। इस महल को दरबार हॉल कॉम्पलेक्स, पिंक पैलेस, रॉयल कोर्ट बिल्डिंग, गोल घर कॉम्पलेक्स, रानी चरक महल और हवा महल मुख्य हैं।
विज्ञापन


मुबारक मंडी महल 1925 तक डोगरा शासकों की गतिविधियों का मुख्य केंद्र हुआ करता था। यहां की महल के गलियारों को देखकर ऐसा लगता है कि यहां शाही कार्यक्रम और समारोहों का आयोजन किया जाता रहा होगा। महल के कुछ हिस्से आज भी पैलेस के रुप में इहयोग किए जाते हैं। इस महल में अबतक 36 बार आग लग चुकी है। वहीं यह बिल्डिंग 1980 और 2005 में भूकंप की भी शिकार हो चुकी है।

इस महल का एक हिस्सा गोल घर सेक्शन महल के दक्षिणी हिस्से में स्थित है। भूकंप और बारिश के कहर से इस हिस्से को काफी नुकसान हुआ है। वहीं शीश महल पूरा कांच से बना हुआ है। कुछ समय के लिए इस महल के परिसर का उपयोग सरकारी कार्यालयों के रूप में किया जाने लगा था। जिसमें उच्च न्यायालय, लोकसेवा आयोग सहित दूसरे विभाग भी शामिल थे।

इस महल का सबसे आकर्षक केंद्र महल का पिंक हॉल है। इस पिंक हॉल को अब डोगरा कला संग्रहलय में परिवर्तित कर दिया गया है। यहां पर अमूल्य कलाकृतियां और लेख प्रदर्शित किये गये हैं, जिसमें सम्राट शाहजहां की सुनहरी प्रतिमा विशेष आकर्षण का केंद्र है। पूरे परिसर की जीर्ण अवस्था के बावजूद परिसर की भव्यता और विशालता आज भी पर्यटकों को लुभाती है।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें