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Jammu News: दीवार के साथ मिट्टी में मिली निगम की कार्यप्रणाली, बिना सुरक्षा के पार्किंग की खोदाई, गदाधारी मंदिर का हिस्सा भरभराकर गिरा

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जम्मू। मुबारक मंडी में नगर निगम की लापरवाही के कारण वीरवार को मंदिर का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के दौरान मंदिर में अधिक लोग नहीं थे, नहीं तो बड़ा जानी नुकसान हो सकता था। आधे घंटे पहले ही भंडारा संपन्न हो हुआ था।
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बहुमंजिला पार्किंग के लिए बेसमेंट की खोदाई के बीच गदाधारी मंदिर का हिस्सा अचानक ढह गया। दीवार गिरते ही जेसीबी आपरेटर मशीन छोड़कर भाग गया। घनी आबादी में चल रहे प्रोजेक्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी से प्रशासनिक व्यवस्था कटघरे में आ गई है। अब नगर निगम गलती छिपाने के लिए नुकसान की भरपाई व क्षतिग्रस्त हिस्से का निर्माण कराने की बात कह रहा है।

पुजारी संदीप के अनुसार पार्किंग का कार्य काफी समय से चल रहा है। दो माह पहले पड़ोस में तीन मंजिला इमारत को ध्वस्त किया था। इसके बाद मलबा हटाकर उसी स्थान पर गहरी खोदाई शुरू की गई। मंदिर की सुरक्षा के लिए न तो रिटेनिंग वॉल बनाई गई और न ही ढांचे को सहारा देने के लिए विशेष उपाय किए गए। लगातार खोदाई के कारण मंदिर के आसपास की जमीन कमजोर होती चली गई और अचानक एक दीवार और उससे जुड़ा बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर गया। घटना के समय परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही कम थी जिससे जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा को लेकर कई बार चिंता जताई गई थी लेकिन संबंधित विभाग ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। अब मंदिर का हिस्सा ढहने के बाद लोगों में रोष है और वे जांच की मांग कर रहे हैं।
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श्रद्धालुओं का कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं लेकिन उसकी आड़ में ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों की सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घटना की जिम्मेदारी तय की जाए और मंदिर की शेष संरचना को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं। भाजपा विधायक युद्धवीर सेठी ने घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।



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कैफेटेरिया बनाने समय भी हुआ था हादसा

मुबारक मंडी परिसर में कैफेटेरिया बनाते समय भी दीवार गिर गई थी। उस दौरान भी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई और न ही गलती से संबंधित अधिकारियों ने सबक लिया। विभाग के अनुसार पार्किंग का निर्माण कार्य पांच करोड़ की लागत से किया जा रहा है। इसमें 200 कारों और 40 बाइक पार्क करने की व्यवस्था होगी।
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अगर भंडारा कुछ समय और चलता रहता तो बड़ी जनहानि हो सकती थी। मंदिर की सुरक्षा को लेकर बार-बार चिंता जताई गई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।



- रमेश गुप्ता, दुकानदार



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खोदाई के पहले ही दिन कुछ हिस्सा हिल गया था, फिर भी विभाग की ओर से सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।



- कुलदीप मेहता, सामाजिक कार्यकर्ता



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विकास परियोजनाएं में ऐसी लापरवाही की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो।



- दीपक शर्मा, स्थानीय







पानी का रिसाव होने के कारण मंदिर के पीछे की दीवार गिरी है। जल्द मरम्मत का काम करवा दिया जाएगा।

- डॉ. देवांश यादव, आयुक्त, नगर निगम
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