-फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज जम्मू ने केंद्र सरकार से राजकोषीय प्रोत्साहन देने की मांग की
-शिष्टमंडल ने नई दिल्ली में एमएसएमई के संयुक्त निदेशक व सचिव से की मुलाकात
-टर्नओवर प्रोत्साहन की प्रतिपूर्ति के लिए बजटीय आवंटन में वृद्धि की जाए
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। फेडरेशन आफ इंडस्ट्रीज जम्मू ने केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय से जम्मू-कश्मीर की मौजूदा एमएसएमई इकाइयों को सहायता प्रदान करने पर जोर दिया है।
फेडरेशन के एक शिष्टमंडल ने चेयरमैन टीएस टीन के नेतृत्व में नई दिल्ली में संयुक्त निदेशक एमएसएमई अमित कुमार तमारिया और सचिव एससीएल दास के साथ मुलाकात की और उन्हें जम्मू-कश्मीर की मौजूदा एमएसएमई औद्योगिक इकाइयों की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि इन इकाइयों को जम्मू-कश्मीर की नई औद्योगिक नीति 2021-30 के तहत पर्याप्त प्रोत्साहन नहीं दिए गए हैं। जीएसटी व्यवस्था के बाद राजकोषीय प्रोत्साहन में कमी रही है। परिणामस्वरूप ऐसी हजारों इकाइयों को निकट भविष्य में संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा मौजूदा इकाइयों के लिए कच्चे माल की उच्च परिवहन लागत, राज्य के भीतर सीमित विपणन अवसरों के कारण बाहरी आपूर्तिकर्ताओं के साथ प्रतिस्पर्धा करना संभव नहीं है। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय की ओर से पिछले सभी प्रोत्साहन पैकेज अधिसूचित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 2004 के बाद से समय-समय पर मौजूदा इकाइयों को नई इकाइयों के समान पर्याप्त विस्तार के तहत सभी राजकोषीय प्रोत्साहन प्रदान किए गए लेकिन 2021 में मौजूदा इकाइयों के लिए जीएसटी लिंक्ड प्रोत्साहन नहीं दिया गया, जिसके परिणामस्वरूप अधिकांश मौजूदा इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। उन्होंने टर्नओवर प्रोत्साहन की प्रतिपूर्ति के लिए बजटीय आवंटन में वृद्धि का अनुरोध किया। इसके अलावा नए उत्पादों की क्षमता और वृद्धि, स्थानीय मौजूदा इकाइयों द्वारा कच्चे माल की खरीद के लिए सड़क माल ढुलाई की प्रतिपूर्ति, राज्य/केंद्र सरकार में स्थानीय एमएसएमई इकाइयों को मूल्य/खरीद प्राथमिकता, खरीदारी, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अधिनियम के बराबर 20 से कम कर्मचारियों वाली एमएसएमई इकाइयों को ईएसआई अधिनियम के पूर्वावलोकन से छूट देने पर जोर दिया। शिष्टमंडल में ललित महाजन, एससी दत्ता शामिल रहे।