गणतंत्र दिवस के लिए भले ही अस्पतालों में सतर्कता बढ़ाने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन जीएमसी में आधुनिक मशीनों के ठप पड़े रहने से मरीजों की दिक्कतें बरकरार हैं। अस्पताल में एमआरआई को अपग्रेड करने के लिए कई हफ्तों से यह सुविधा बंद पड़ी है।
इसके बाद सीटी स्कैन मशीन ने भी जवाब दे दिया है। हालांकि वैकल्पिक तौर पर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में सीटी स्कैन की सुविधा दी जा रही है। इसी तरह सुपर स्पेशलिटी में इंडोस्कोपी मशीन के खराब होने से मरीजों को मजबूरन टेस्ट के लिए निजी क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है।
अस्पताल के अधीक्षक डा. रविंद्र रतनपाल के अनुसार एमआरआई यूनिट को अपग्रेड किया जा रहा है। सुपर स्पेशलिटी में सीटी स्कैन की सुविधा जारी है। जीएमसी में एमआरआई (मैगनेटिक रेसोनेंस एमेजिंग) यूनिट को अपग्रेड किया जा रहा है।
लेकिन एमआरआई के लिए दूसरी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। जीएमसी में रोजाना 25-30 एमआरआई किए जाते हैं। सुपर स्पेशलिटी में भले ही वैकल्पिक सीटी स्कैन की व्यवस्था शुरू की गई है। लेकिन जीएमसी पहुंचने वाले मरीजों को फिर दूसरे अस्पताल तक ले जाने में तीमारदारों के साथ मरीजों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
इसी तरह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में इंडोस्कोपी मशीन के ठप रहने से मरीजों को मजबूरन बाजार से महंगे टेस्ट करवाने पड़ रहे हैं।