जम्मू संभाग के सबसे बड़े गर्वनमेंट मेडिकल कॉलेज जम्मू में कोविड रोगियों के लिए आठ सौ अधिक बेड समर्पित रखने के साथ 87 क्रिटिकल कयर बेड भी है। यह बात जीएमसी के सर्जरी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. कैलाश सिंह ने शनिवार कही। इस दौरान उन्होंने कहा कि जीएसी में पिछले एक वर्ष में कोविड शमन उपायो में काफी सुधार हुआ है।
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अस्पताल में डायलिसिस केंद्र, एलएमओ जलाशय, ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र शुरू किया है। डॉ कैलाश सिंह ने कहा कि पिछले साल अस्पताल को डायलिसिस के लिए गांधी नगर के सरकारी अस्पताल पर निर्भर रहना पड़ा था, लेकिन अब ये सुविधा जीएमसी में शुरू हो गई है। जीएसी में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है। मौजूदा ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र के अलावा, जीएमसी ने पिछले सप्ताह से अपने परिसर में 2400 एलपीएम क्षमता का एक नया संयंत्र चालू किया है।
इसके अलावा 20 हजार किलोलीटर क्षमता का एक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन भंडार भी है, जिसे हर दिन भर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कोविड की दूसरी लहर हमारी सामूहिक विफलता के नमूना है, क्योंकि हमने अनलॉक अवधि के दौरान काफी गलतियां की है।
जीएमसी और संबद्ध अस्पालों में अभी तक 706 लोगों गवाई है
जान पिछले साल महामारी फैलने तक जीएमसी और संबंधित अस्पतालों में अब तक 5935 लोगों को भर्ती कराया गया हैं, जिसमें 3100 लोग ठीक हो चुके हैं और 706 लोगों की मौत हो चुकी हैं। शनिवार को संक्रमण के कारण मरने वालों की संख्या भी 12 थी, जिसमें जीएमसी जम्मू में 11 और चेस्ट डिजीज एंड टीबी अस्पताल में 1 शामिल है।