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पढ़ाई से दूर हो रहा बचपन: जम्मू-कश्मीर में 93 हजार बच्चों ने छोड़ा स्कूल, तलाश सर्वे में खुलासा

Mon, 08 Aug 2022 03:58 PM IST
kumar गुलशन कुमार अरुण कुमार, जम्मू

सार

तलाश सर्वे छह से 18 आयु वर्ग के बच्चों पर हुआ। प्रदेश के सभी 20 जिलों में 23317 सर्वेक्षणकर्ताओं ने सर्वे किया था, जिसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी किया गया था। तलाश एप के माध्यम से यह पूरा सर्वे हुआ।
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राजकीय स्कूल, चिनैनी (फाइल) - फोटो : रोहित गुप्ता
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विस्तार
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जम्मू-कश्मीर सरकार और शिक्षा विभाग साक्षरता के लिए कई अभियान चला रहा है, लेकिन जागरूकता की कमी के चलते प्रदेश के हजारों बच्चे पढ़ाई से अभी भी वंचित हैं। समग्र शिक्षा के प्रदेश भर में करवाए गए 'तलाश' सर्वे में स्कूल न जाने वाले बच्चों के चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। सर्वे में खुलासा हुआ है कि प्रदेश भर में 93 हजार 480 बच्चे आज भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इनमें 40 हजार के करीब बच्चों ने तो दाखिला तक नहीं लिया है, जबकि 45 हजार के करीब बच्चों ने कक्षा पांचवीं और छठी के बाद स्कूल छोड़ दिया। 
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समग्र शिक्षा ने 20 जिलों के 188 जोन में तलाश सर्वे शुरू किया। सर्वे में कुल 20 लाख 55 हजार 843 बच्चों को शामिल किया। इसमें 93 हजार 480 ऐसे बच्चे मिले जिन्होंने किसी न किसी कारणों के चलते स्कूल छोड़ दिया। प्रदेश में रामबन जिले में सबसे ज्यादा 10492 बच्चे हैं, जबकि सांबा और पुलवामा में सबसे कम क्रमश: 712 और 715 बच्चे हैं। रामबन के बाद राजोरी और उधमपुर में क्रमश: 7443 और 7619 बच्चे स्कूल छोड़ चुके हैं। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का स्कूल छोड़ना चिंता का विषय है। स्कूल शिक्षा विभाग हर साल दाखिला प्रक्रिया शुरू होने से पहले ‘आओ स्कूल चले अभियान’ सहित अन्य पहल चलाता है। स्कूल शिक्षा विभाग ने दावा किया है कि इस शैक्षणिक सत्र में 1 लाख 67 हजार बच्चों का दाखिला हुआ है।

 
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jammu school (File) - फोटो : अमर उजाला
छह से 18 आयु वर्ग के बच्चों पर हुआ सर्वे

तलाश सर्वे छह से 18 आयु वर्ग के बच्चों पर हुआ। प्रदेश के सभी 20 जिलों में 23317 सर्वेक्षणकर्ताओं ने सर्वे किया था, जिसके लिए उन्हें प्रशिक्षित भी किया गया था। तलाश एप के माध्यम से यह पूरा सर्वे हुआ। इसमें सर्वेक्षणकर्ताओं ने घर-घर जाकर बच्चों का आंक़ड़ा जुटाया।  

अब इन बच्चों का क्या होगा

सर्वे में ऐसे बच्चों का भी पता चला, जिनका दाखिला कभी स्कूल में हुआ ही नहीं। अब उन्हें उनकी बौद्धिक क्षमता के आधार पर कक्षा में दाखिला दिया जाएगा। वहीं ऐसे बच्चे, जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है, उन्हें स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट या टेस्ट के आधार पर कक्षा में दाखिला करवाया जाएगा। इन बच्चों के लिए विभाग तीन महीने का अक्षरज्ञान कोर्स भी करवाएगा।   

किसी जिले में कितने बच्चों ने छोड़ा स्कूल
  • जम्मू संभाग 
जम्मू में 2345, राजोरी में 7443, कठुआ में 4685, उधमपुर में 7619, पुंछ में 5309, डोडा में 3885, रामबन में 10492, रियासी में 6702, किश्तवाड़ में 6578 और सांबा में 712 बच्चों ने स्कूल छोड़ा।
  • कश्मीर संभाग 
बारामुला में 6939, कुपवाड़ा में 3311, अनंतनाग में 4585, बडगाम में 6922, पुलवामा में 715, कुलगाम में 4616, श्रीनगर में 2637, बांदीपोरा में 4100, शोपियां में 1613 और गांदरबल में 2272 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं।
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