जम्मू में 30 जुलाई को एक साधु ने तपस्या शुरू की। पहले दिन तो लोगों को यह बात साधारण ही लगी। देखते देखते दिन महीनों में तब्दील हो गए लेकिन साधु ने खड़े होकर ही तपस्या जारी रखी। यह बात कई इलाकों में फैली तो लोग भी साधु की तपस्या को देखने के लिए पहुंचने लगे।
साधु का तप देख लोग हैरान भी रहे लेकिन उन्होंने जो देखा उसे झुठलाया नहीं जा सकता था। कहते हैं कि प्रत्यक्ष को प्रमाण की क्या आवश्यकता। इसके साथ ही 41वें दिन पूरे होने के बाद रमेश बाबा से तपस्या को रोका। इसके बाद श्री जंगमेश्वर मंदिर प्रेम नगर विवेकानंद चौक जोगी गेट पर यज्ञ हवन और भंडारे का आयोजन कराया गया।
बता दें कि बाबा 30 जुलाई से मंदिर में दिन-रात खड़े रहकर तपस्या कर रहे थे। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में धार्मिक रीति रिवाज के साथ बाबा को बैठाया गया। इस दौरान आयोजित यज्ञ में काफी संख्या में लोग शामिल हुए। यज्ञ के बाद विशाल भंडारा भी लगाया गया।