DG Prisons Dilbagh Singh
जेलों में बंद खूंखार आतंकियों और अपराधियों के लिए जेल विभाग की यह लापरवाही बड़ी मददगार हुई है। एक तरफ जेलों में बंद आतंकी मोबाइल का इस्तेमाल कर आतंकी गतिविधियों को चला रहे हैं। दूसरी तरफ अपराधी भी जेलों में रहकर अपराध को अंजाम देने में लगे हुए हैं।
2जी जैमर को अपग्रेड करने और सभी जेलों में जैमर लगाने का प्रस्ताव करीब दो महीने पहले राज्य गृह विभाग को भेज दिया गया था। पर उसे अब तक हरी झंडी नहीं मिली है। डीआईजी जेल एमएस लोन ने बताया कि जैमर अपग्रेट करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
दिलबाग सिंह, डीजीपी जेल का कहना है कि, 'श्रीनगर सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने की जांच हो रही है। जैमर के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकते। क्योंकि यह विभाग का अंदरूनी मामला है।'