हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी गुट के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान करतारपुर कॉरिडोर खोलने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे मानवता का संदेश दिया गया है। मीरवाइज ने पाकिस्तान की वकालत करते हुए कहा कि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान द्वारा कहा गया कि हम जंग नहीं चाहते बल्कि कश्मीर मसले को बातचीत के जरिये सुलझाना चाहते हैं, हम इसका भी स्वागत करते हैं। भारत को भी यह समझना चाहिए कि फौजी ताकत से इस मसले का हल नहीं निकल सकता।
अगर मसला हल करना है तो एक ही उपाय है कि भारत-पाकिस्तान और कश्मीर के लोगों को एक मंच पर लाना होगा। मीरवाइज ने कहा कि जैसा कि पाकिस्तान ने कहा है कि अगर हिंदुस्तान एक कदम आगे बढ़ाएगा तो हम दो कदम बढ़ेंगे। मीरवाइज ने विश्वास दिलाया कि अगर दोनों मुल्क एक कदम आगे बढ़ते हैं तो कश्मीरी दस कदम आगे आएंगे क्योंकि सबसे ज्यादा खामियाजा कश्मीरी कौम ने झेला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान द्वारा दिए गए बयान पर भारत दूरदर्शिता दिखाते हुए सकारात्मक जवाब देगा।
पुराने शहर नौहट्टा में स्थित जामिया मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हिंसा भड़क उठी। नमाज खत्म होने के बाद युवा मस्जिद परिसर में एकत्रित हुए और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों पर पत्थरबाजी की गई। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। घाटी के कुछ अन्य जगहों पर भी छिटपुट हिंसा हुई। हालांकि, किसी के घायल होने की खबर नहीं है।