जेवीसी बेमिना की मेडिकल रिपोर्ट में डॉक्टरों ने लिखा है कि बच्ची के निजी अंगों के आसपास किसी तरह की चोट का कोई सबूत नहीं था, जिसकी वजह से रक्तस्राव का वास्तविक स्रोत निर्धारित नहीं किया जा सका। इतना ही नहीं रिपोर्ट में लिखा है बच्ची की विस्तृत जांच के अनुसार शरीर के किसी भी हिस्से पर चोट के कोई निशान नहीं थे जिसमें प्राइवेट पार्ट भी शामिल था। निजी अंगों से कोई रक्तस्राव नहीं हुआ है, जबकि हल्के खून के धब्बों की मौजूदगी इस बात का सबूत नहीं है कि बच्ची का यौन उत्पीड़न किया गया है। बता दें कि अदालत ने मामले में सुनवाई के पहले दिन के रूप में 1 जून 2019 को निर्धारित किया है।
राहुल मलिक, एसएसपी, बांदीपोरा का कहना है कि, डॉक्टरों को अदालत में जवाब देना होगा। मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता क्योंकि मामला न्यायालय के विचाराधीन है।
मेडिकल रिपोर्ट लीक होने पर स्किम्स निदेशक को नोटिस
जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने मंगलवार को सुंबल दुष्कर्म पीड़ित बच्ची की मेडिकल रिपोर्ट सोशल मीडिया पर जारी होने के मामले में स्किम्स निदेशक को नोटिस जारी किया है। नोटिस में पूछा गया है कि वह पता कर बताएं यह कैसे हुआ।
वकील शफकत नजीर ने याचिकाकर्ता के रूप में अदालत को सूचित किया कि पीड़ित बच्ची के नाम समेत स्किम्स की पूरी मेडिकल रिपोर्ट सोशल मीडिया पर उपलब्ध है जो कि गोपनीयता का उल्लंघन है। मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति राशिद अली डार की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद स्किम्स को निर्देश दिया कि वह अगली सुनवाई पर इस बारे में पूरी रिपोर्ट पेश करें।