केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को आम बजट पेश किया। बजट में संस्कृति मंत्रालय को पिछले बजट की तुलना में अधिक राशि मिली है। 2019-20 के बजट में संस्कृति मंत्रालय को 3,042 करोड़ की राशि मिली थी, वहीं 2020-22 के लिए 3,150 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है। संस्कृति मंत्रालय को बजट में मिली राशि से प्रदेश के साहित्यकारों में उम्मीदें जगी हैं। इसमें प्रदेश की संस्कृति के संरक्षण के साथ कला और संस्कृति को बढ़ावा देने वाले संस्थानों को शुरू होने की उम्मीद है।
केंद्र शाति प्रदेश बनने से जम्मू-कश्मीर को बजट से काफी उम्मीद थी और हां, संस्कृति मंत्रालय को बजट जो राशि मिली है उसका स्वागत है, लेकिन यह और अधिक होना चाहिए था। केंद्र सरकार को चाहिए की वह जम्मू -कश्मीर में कला संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई संस्थाएं खोले। जम्मू-कश्मीर के लिए अलग-अलग अकादमी बनाए जाए जिससे दोनों संभागों की संस्कृति को बढ़ावा मिले। यह बजट उम्मीद भरा है विशेष कर कला और संस्कृति से जुडे़ लोगों के लिए।
-ललित मंगोत्रा, वरिष्ठ साहित्यकार, जम्मू
प्रदेश या केंद्र सरकार के बजट में संस्कृति को संरक्षण और उत्थान के लिए बजट में अधिक राशि का प्रावधान हो चाहिए। भारत का बुनियादी ढांचा इन संस्कृति और कलाओं से बना हुआ है। केंद्र शासित प्रदेश बनने से जम्मू-कश्मीर को काफी उम्मीदें है। संस्कृति मंत्रालय को बजट में मिली राशि से जम्मू-कश्मीर में स्थानीय भाषा, लोक कला और संस्कृति का भी उत्थान होेगा। बजट में मंत्रालय को मिली राशि का प्रयोग संस्कृति के उत्थान में होना चाहिए।
-मोहन सिंह, वरिष्ठ रंगकर्मी, जम्मू