नहरों की साफ-सफाई न होने से आगामी फसलों की सिंचाई के लिए किसान चिंतित थे। शुक्रवार को प्रकाशित खबर में किसानों ने अपनी दिक्कतें बताई थीं। इसमें कहीं नहरों में गंदा पानी जमा होने से बीमारियों के फैलने की आशंका जताई थी, तो कहीं नाले में तब्दील होती नहर पर रोष जताया था।
भारत-पाक के सैन्य अधिकारियों की फ्लैग मीटिंग के बावजूद सीमा के करीब नहर की सफाई को कुछ ग्रामीणों ने चुनौतीपूर्ण भी बताया था। शुक्रवार को पीएचई मंत्री ने नहरों का औचक निरीक्षण किया। अरनिया के किसानों का कहना है कि पीएचई मंत्री सुखनंदन चौधरी से काफी उम्मीदें हैं।
उन्होंने कहा कि अगर जल्द नहरों की सफाई शुरू होती है, तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं नंदपुर के किसानों का कहना था कि ‘नाले में तब्दील हुई नहर’ पर पीएचई मंत्री ने गंभीरता दिखाई, यह स्वागत योग्य कदम है। इससे परेशान किसानों को उम्मीद बंधी हैं।
उन्होंने कहा कि मंत्री ने नहर का औचक दौरा कर कहा कि एक हफ्ते के अंदर सफाई का काम शुरू करवाया जाएगा। बिश्नाह क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने सरोर रतनाल, पडोरिया, खैरी, चगडा, वरमाल, करेयाल, चन्नू चक्क आदि गांव स्थित नहर की स्थिति का जायजा लिया। कहा कि करीब एक करोड़ 49 लाख रुपये साफ-सफाई पर खर्च होंगे।