वन विभाग की भूमि पर कब्जे के मामले में ट्रांसपोर्ट मंत्री अब्दुल गनी कोहली ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। जांच के बाद वे पाक-साफ निकलेंगे। उन्होंने कहा कि मामला चूंकि न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए वे इस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते।
जांच के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी मुद्दे पर आलेख लिखकर किसी को दोषी करार नही दिया जा सकता। न्यायपालिका इसके लिए काम कर रही है और निश्चित ही उन्हें न्याय मिलेगा। वीरवार को ट्रांसपोर्ट मंत्री लखनपुर टोल प्लाजा का दौरा करने के लिए पहुंचे थे।
गौरतलब है कि मंत्री पर वन विभाग की दस कनाल जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए समाजिक कार्यकर्ता अंकुर शर्मा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने स्टेट विजलेंस के डायरेक्टर को दो सप्ताह के भीतर प्रारंभिक जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा था।
अंकुर शर्मा ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि परिवहन मंत्री ने जम्मू जिला में सुंजवा स्थित नवाबाद इलाके में वन विभाग की दस कनाल जमीन पर कब्जा कर बीएड कालेज, पैरामेडिकल इंस्टीट्यूट खोले हैं। जेएंडके बैंक की शाखा और एटीएम भी चल रहे हैं। हाईकोर्ट ने छह जुलाई को इस मामले में विजिलेंस को रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे।