-मंत्री राणा के साथ बैठक में दो मांगों पर सहमति, 32 हजार कर्मी थे हड़ताल पर
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। जलशक्ति विभाग के अस्थायी कर्मियों ने वीरवार को कामछोड़ हड़ताल सात अप्रैल तक स्थगित कर दी। पीएचई इंप्लाइज यूनाइटेड फ्रंट ने विभाग के मंत्री जावेद राणा के साथ बैठक में दो मांगों पर सहमति के बाद इसकी घोषणा की है। फ्रंट के अनुसार, मंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की तर्ज पर न्यूनतम वेतन देने और 70 महीने का 400 करोड़ रुपये का बकाया वेतन जारी करने का आश्वासन दिया है। प्रदेश के 32 हजार कर्मचारी वीरवार से नियमितीकरण की मांग को लेकर हड़ताल पर थे।
फ्रंट के पदाधिकारी रवि हंस ने बताया कि सचिवालय में दो घंटे चली बैठक में मंत्री के साथ नियमितीकरण सहित तीन प्रमुख मांगों पर चर्चा की। मंत्री ने न्यूनतम वेतन और बकाया वेतन जारी करने पर सहमति जताई है। कर्मियों के सेवाकाल में विस्तार या फिर सेवानिवृत्त के बाद लाभ देने की मांग पर विचार करने का आश्वासन भी दिया। मंत्री ने ईद व नवरात्र का हवाला देते हुए हड़ताल स्थगित करने के लिए कहा। मंत्री के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित की है। हड़ताल खत्म होने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए।
मांगें पूरी न कीं तो सात अप्रैल से सचिवालय का घेराव
रवि हंस ने कहा कि सिर्फ हड़ताल स्थगित की है। प्रदर्शन जारी रखेंगे। सरकार पर आंख मूंद कर भरोसा नहीं किया है। क्योंकि, पहले भी कई बार आश्वासन मिले हैं। अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वो अपनी बातों पर कितना कायम रहती है। मांगों को पूरा नहीं किया गया तो सात अप्रैल को फिर सचिवालय का घेराव करेंगे।
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अस्थायी कर्मियों के मुद्दे जायज
अस्थायी कर्मियों के मुद्दे जायज हैं। कर्मियों से विस्तृत बातचीत की है। कर्मियों का 400 करोड़ रुपये वेतन बकाया है। इसे चरणबद्ध जारी किया जाएगा। देश में न्यूनतम वेतन लागू है तो यहां भी कर्मियों को मिलेगा। वेतन बढ़ाने का मुद्दा भी जायज है। नियमितीकरण को लेकर सरकार की ओर से समिति बनाई गई है। समिति जल्द कर्मियों से बातचीत करेगी, ताकि मुद्दों को गंभीरता से हल किया जाए। कर्मियों पर लाठीचार्ज नहीं होना चाहिए। -जावेद राणा, जलशक्ति मंत्री
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