भाजपा नेता अवतार सिंह ने हमले के बाद अमर उजाला को बताया कि वह हमले के समय घर पर नहीं थे। उनकी माताजी और बच्चे उस समय घर पर थे, जो घबरा गए थे। उन्होंने बताया कि जबसे भाजपा घाटी में आई है तभी से उसके एक कार्यकर्ता बनकर विकास के एजेंडा को आगे बढ़ा रहे हैं।
अवतार ने कहा कि अगर शराफत के साथ भी ऐसा भेदभाव होगा तो यह अच्छी बात नहीं है। हम उसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हमले को अंजाम दिया है वह लोग कश्मीर का नुकसान कर रहे हैं। उनसे गुजारिश करता हूं कि शराफत के साथ छेड़ना अच्छी बात नहीं है।
लोकल बॉडी चुनावों पर हिज्ब की धमकी को लेकर उन्होंने कहा कि हम ऐसी कायराना हरकतों से डरने वाले नहीं। हमें लोगों तक अपने एजेंडे को ले जाना है और हम चुनावों में भाग लेंगे। हमने एक मिशन शुरू किया है और अगर इसको पूरा करने के लिए कोई शहीद भी हो जाता है उसमें हमें कोई आपत्ति नहीं। उन्होंने पार्टी और राज्यपाल से अपील की कि उनकी सुरक्षा की समीक्षा की जाए और कार्यकर्ताओं की खुशहाली के लिए सुरक्षा बढ़ानी चाहिए।
इस हमले के बाद करीब दो दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं के इस्तीफे की अफवाह का खंडन करते हुए पार्टी प्रवक्ता अलताफ ठाकुर ने बताया कि केवल एक युवा मोर्चा के बिलाल अहमद पर्रे ने इस्तीफा दिया है और वो भी पिछले कुछ दिनों से पार्टी के सामने कुछ नाजायज मांगें रख रहे थे जिसे पार्टी ने नहीं स्वीकार किया। इसलिए इस्तीफा दे दिया। अलताफ ने कहा कि हम ऐसे हमलों से डरने वाले नहीं हैं, बल्कि इससे हमारी पार्टी और मजबूत होगी।