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J&K: मारा गया 12 लाख का इनामी आतंकी जीनत उल इस्लाम, अब दो खूंखार आतंकी और बचे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: यशवीर सिंह Updated Sun, 13 Jan 2019 12:03 PM IST

सार

  • मारा गया अल बदर का टॉप कमांडर जीनत उल इस्लाम
  • शव बरामद, एक आतंकी की शिनाख्त नहीं
  • मुठभेड़ शुरू होते ही भड़की हिंसा, सुरक्षा बलों पर भारी पथराव
  • पूरे इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप
  • अब तक हिंसा में तीन पत्थरबाज घायल 
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आतंकी जीनत उल इस्लाम  - फोटो : फाइल
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में खूंखार 12 लाख का इनामी आतंकवादी जीनत उल-इस्लाम सहित दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने पर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के कटपोरा इलाके में शनिवार शाम सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। 

उन्होंने बताया कि तलाश अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं, जिसका बल ने भी मुंह तोड़ जवाब दिया। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। अधिकारी ने बताया कि मौके से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किए थे। 


मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान खूंखार आतंकवादी जीनत उल-इस्लाम के तौर पर हुई है जो अल-बद्र आतंकवादी समूह से जुड़ा था। दूसरे आतंकवादी की शिनाख्त की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि जीनत को आईडी का विशेषज्ञ माना जाता था और वह इससे पहले हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था।

खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन के बाद आतंकियों ने घेराबंदी को तोड़कर फरार होने के लिए अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस पर जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मार गिराए गए। आतंकियों के मारे जाते ही इलाके में सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू हो गया।  हिंसा भड़कते ही पूरे इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। इससे साथ ही सुरक्षा बलों का पहरा बढ़ा दिया गया ताकि हिंसा और अधिक भड़कने न पाए। 

मारे गए आतंकियों से हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मुठभेड़स्थल के पास न जाने की लोगों को सलाह दी है क्योंकि वहां विस्फोटक पड़ा हो सकता है। 
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आतंकी जीनत उल इस्लाम  - फोटो : फाइल
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में शनिवार को सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में खूंखार 12 लाख का इनामी आतंकवादी जीनत उल-इस्लाम सहित दो आतंकवादी मारे गए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने पर दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के कटपोरा इलाके में शनिवार शाम सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर तलाश अभियान शुरू किया था। 

उन्होंने बताया कि तलाश अभियान के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर गोलियां चलाईं, जिसका बल ने भी मुंह तोड़ जवाब दिया। इस मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए। अधिकारी ने बताया कि मौके से हथियार और गोला बारूद भी बरामद किए थे। 

मारे गए आतंकवादियों में से एक की पहचान खूंखार आतंकवादी जीनत उल-इस्लाम के तौर पर हुई है जो अल-बद्र आतंकवादी समूह से जुड़ा था। दूसरे आतंकवादी की शिनाख्त की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि जीनत को आईडी का विशेषज्ञ माना जाता था और वह इससे पहले हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़ा था।

खुफिया जानकारी मिलने के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन के बाद आतंकियों ने घेराबंदी को तोड़कर फरार होने के लिए अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी। इस पर जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मार गिराए गए। आतंकियों के मारे जाते ही इलाके में सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू हो गया।  हिंसा भड़कते ही पूरे इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा ठप कर दी गई। इससे साथ ही सुरक्षा बलों का पहरा बढ़ा दिया गया ताकि हिंसा और अधिक भड़कने न पाए। 

मारे गए आतंकियों से हथियार और गोला बारूद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मुठभेड़स्थल के पास न जाने की लोगों को सलाह दी है क्योंकि वहां विस्फोटक पड़ा हो सकता है। 

कौन है जीनत उल इस्लाम 

-28 वर्षीय जीनतुल इस्लाम नवंबर 2015 में लश्कर में भर्ती हुआ था। वो आईईडी एक्सपर्ट माना जाता है।

-इस्लाम को 2008 में पहली बार गिरफ्तार किया गया था और अल-बद्र का सदस्य होने के चलते उसपे पीएसए लगाया गया था। वह अल-बद्र के लिए एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्लू) के रूप में काम कर रहा था।

-सूत्रों के अनुसार उसे 2011 में रिलीज किया गया था जिसके बाद उसने एलईटी में शामिल होने से पहले कुछ समय के लिए अपने पिता के साथ काम किया। स्थानीय मस्जिद में उसके पिता इमाम थे।

-सेना ने उसे ए++ केटेगरी की आतंकियों की लिस्ट में रखा हुआ था।

साल 2018 में ही मारने का बन गया था प्लान

जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन आलआउट के तहत वर्ष 2018 में अब तक कश्मीर में 251 आतंकी मारे जा चुके हैं। पिछले दस सालों में यह आंकड़ा सबसे अधिक है। इससे उत्साहित सुरक्षाबलों ने 2019 में भी आतंकियों के खात्मे को मास्टर प्लान तैयार किया था।

कश्मीर के पांच क्षेत्रों पर पूरी तरह से फोकस कर आतंकियों को चुन-चुन कर मारा जाएगा। इन्हीं पांच क्षेत्रों में इस समय आतंकी पनाह लेकर रह रहे हैं।
 
कुलगाम, अनंतनाग, बड़गाम, शोपियां और श्रीनगर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दो साल से कश्मीर में आतंकी संगठनों के कई कमांडर मारे जा चुके हैं। कश्मीर में आतंक अब सिर्फ रियाज नायकू और जाकिर मूसा आकर टिका हुआ है।

इन दोनों के खात्मे पर सुरक्षा एजेंसियां फोकस कर रही हैं। इसके लिए इन पांचों क्षेत्रों में सुरक्षाबल अपना खुफिया नेटवर्क मजबूत करेंगे। इसके लिए स्थानीय नेटवर्क को भी विश्वास में लिया जा रहा है।
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