कश्मीर में पिछले दो वर्षों में आपरेशन आल आउट के तहत तीन दर्जन आतंकी कमांडर मारे जाने से आतंकी संगठनों की कमर टूट गई है। ऐसे में अब आतंकी गतिविधियों को चलाने के लिए आतंकी संगठन पाकिस्तान में बैठे कश्मीरी आतंकियों का सहारा ले रहे हैं। कश्मीरी आतंकी पाकिस्तान में बैठ कर कश्मीर में रहने वाले अपने सगे संबंधियों की मदद से आतंक का नेटवर्क चला रहे हैं। सुरक्षा बलों के लिए ये बड़ी चुनौती बन गए हैं।
पिछली कई आतंकी वारदातें ऐसी हैं, जो कश्मीरी आतंकियों ने पाकिस्तान में बैठकर अंजाम दीं। झज्जर कोटली का आतंकी हमला, पंजाब के तरनतारन में ड्रोन से हथियार भेजने का मामला, परमंडल और बिश्नाह के पल्ली मोड़ से पकड़े गए आतंकी, कालूचक मिलिट्री स्टेशन में पकड़े गए आतंकी और मेंढर में हेरोइन की तस्करी में पकड़े गए हिजबुल आतंकी।
यह तमाम ऐसी गतिविधियां हैं, जो पाकिस्तान में बैठे हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी चला रहे हैं। कश्मीर में लोकल कमांडरों का नेटवर्क ध्वस्त हो चुका है। इसकी वजह से अब पाकिस्तान में बैठ कर हमलों को प्लान कर रहे हैं। आने वाले दिनों में पाकिस्तान में बैठे कश्मीरी आतंकी पंजाब, जम्मू और श्रीनगर में बड़े हमलों को अंजाम देने की फिराक में बैठे हुए हैं। इसके लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कश्मीरी आतंकी अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर बड़े खून खराबे की फिराक में है। खुफिया एजेंसियां भी लगातार पाक में बैठे आतंकियों के संचार नेटवर्क पर नजर रख रही हैं।