दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में आतंकियों ने सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी (आरओपी) पर सोमवार की दोपहर हमला कर दिया। इसमें एक अफसर सहित दो शहीद हो गए।
हमला श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर संगम पुल के करीब हुलमुला इलाके में हुआ। अचानक अंधाधुंध गोलियां चलने से अफरातफरी मच गई तथा दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गई।
घटना की जिम्मेदारी हिजबुल मुजाहिदीन ने ली है। सीआरपीएफ के प्रवक्ता आशीष कुमार झा ने बताया कि संगम इलाके में सीआरपीएफ की 90 बटालियन की आरओपी पैदल गश्त पर थी।
सेना की एके-47 भी ले गए आतंकी
इसी दौरान अचानक आतंकियों ने उन पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। इसमें सीआरपीएफ के दो जवान शहीद हुए हैं। उन्होंने बताया कि हमला करने वाले आतंकियों की संख्या तीन से चार थी।
आतंकी घटनास्थल से एक एके-47 राइफल भी लेकर फरार हो गए हैं। यह शहीद अधिकारी की सर्विस राइफल थी। शहीदों की पहचान एएसआई ओमकार सिंह और कांस्टेबल तिलक राज के रूप में हुई है।
घटना के तुरंत बाद पुलिस, सीआरपीएफ और सेना के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। घेराबंदी कर आसपास के इलाकों में आतंकियों की तलाश शुरू की गई।
तीन दिनों में दूसरा आतंकी हमला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लगातार गोलियों की आवाज सुनाई देने पर दुकानदारों ने शटर नीचे कर दिए। संगम के करीब राजमार्ग पर ट्रैफिक भी थम गया।
दुकानदार शफीक अहमद के अनुसार पहले उन्हें समझ नहीं आया कि हुआ क्या है। बाद में पता चला कि यह आतंकी हमला था। उधर, मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने शहीदों के प्रति शोक जताया है।
पिछले तीन दिनों के भीतर यह दक्षिणी कश्मीर में सुरक्षा बल पर दूसरा आतंकी हमला है। इससे पूर्व बीते शनिवार को आतंकियों ने शोपियां जिले में पुलिस की गश्ती पार्टी को ग्रेनेड से निशाना बनाने की कोशिश की थी।
तब निशाना चूकने के कारण हमले में 15 स्थानीय लोग घायल हुए थे।