जम्मू के आरएसपुरा में भारत और पाकिस्तान सीमा पर सटे गांव घराना स्थित वेटलैंड में इन दिनों प्रवासी पक्षियों का आगमन होने पर वन्य जीव संरक्षण विभाग तैयारियों में जुटा है। तालाब साफ करने के साथ इसका विस्तार भी किया जा रहा है।
कई वर्षों से घराना वेटलैंड में अक्तूबर के दौरान प्रवासी पक्षी सर्दियों के दिनों में यहां हजारों की संख्या में पहुंचते हैं। इन पक्षियों के लिए मछलियों का बीज भी तालाब में वन्य जीव संरक्षण विभाग की ओर से डाला गया है। हालांकि पहले लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में ही तालाब था, अब इसका विस्तार किया जा रहा है। विभाग की ओर से लगभग 408 कनाल भूमि पर तारबंदी कर इसे पर्यटकों के लिए आकर्षित करने के लिए इन दिनों जोरशोर से कार्य चल रहा है ।
वन्य जीव संरक्षण विभाग के मौजूद अधिकारियों ने बताया कि पहले दिनों प्रवासी पक्षियों का एक झुंड यहां आया था। हर वर्ष पहले एक पक्षियों का झुंड आता है और चला जाता है। उसके बाद हजारों की संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। यहां पहुंचने वाले प्रवासी पक्षियों की 65 प्रजातियां हैं। इनमें ग्रे हेरोन, व्हाइट गूंज, सोअर्स, साइबेरियन क्रेन, शेल डंक, पेलिकन, अमेरिकन कूट कॉमन कूट, साइबेरियन हंस आदि पहुंचते हैं।
यहां पन कौवे व कामन कूट देसी पक्षी पहुंचते हैं। यहां यह पक्षी अपना घर बनाते हैं। कामन कूट बच्चों को भी यहां जन्म भी देते हैं। विभाग की ओर से प्रवासी पक्षियों के यहां पहुंचने के लिए सभी प्रकार की तैयारी पूर्ण कर ली गई हैं। -धीरज रामपल, अधिकारी, वन्य जीव संरक्षण विभाग।