प्रिंसिपल सेशन जज ने लश्कर ए तैयबा से जुड़े कार्यकर्ता को अवैध रूप से हथियार रखने और आतंकवादी संगठन की मदद करने के अपराध में पांच साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। मामले की सुनवाई करते हुए प्रिंसिपल सेशन जज आरएस जैन ने आतंकवादी संगठन के साथ जुड़े रामबन के रक्षपाल सिंह के ऊपर लगे आरोप साबित होने के बाद उसे पांच साल की सजा सुनाई गई।
इस दौरान जज ने इस मामले में अन्य आरोपी मोहम्मद शरीफ उर्फ फरीद के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं होने के कारण उसे बरी कर दिया गया। पुलिस द्वारा दर्ज मामले के मुताबिक आठ वर्ष पहले रामबन के दुकानदार रक्षपाल सिंह के आतंकवादी संगठन लश्कर के साथ तार जुड़े होने की सूचना मिली थी। पुलिस के अनुसार आरोपी आतंकवादी संगठन को हथियार और अन्य सामग्री पहुंचाने में मदद करता है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कड़ी जांच पड़ताल कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने घर और अन्य स्थान पर हथियार छुपाने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हथियार बरामद कर लिए। आरोपी रक्षपाल सिंह ने तब पुलिस को बयान दिया था कि उसके पास बरामद चीनी ग्रेनेड मोहम्मद शरीफ उर्फ फरीद ने दिया था।
इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़कर गैर कानूनी तरीके से हथियार रखने और आतंकवादी संगठन का साथ देने के मामले में चालान पेश किया गया था। मामले में सुनवाई के दौरान अन्य आरोपी मोहम्मद शरीफ के खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत नहीं मिलने के कारण उसे बरी कर दिया गया।
जेएनएफ