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उधमपुर हमले के खिलाफ कैबिनेट में निंदा प्रस्ताव

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उधमपुर हमले के खिलाफ राज्य की कैबिनेट ने निंदा प्रस्ताव पास किया है। साथ ही एक स्वर में इस हमले में जान गंवाने वाले जाहिद के प्रति शोक व्यक्त किया।
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कैबिनेट ने उसके परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी तथा पांच लाख रुपये सहायता राशि का प्रस्ताव भी पास किया। इसके साथ ही हमले में एक अन्य घायल शौकत अहमद डार को तीन लाख की सहायता देने का फैसला किया गया।

मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में हमले की निंदा करने के साथ ही दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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बैठक में इस घटना के बाद रियासत में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए जनता के धैर्य की प्रशंसा की गई। साथ ही कैबिनेट ने आश्वस्त किया कि इस घटना की जांच फास्ट ट्रैक पर की जाएगी ताकि दोषियों को हर हाल में सजा मिले।

बैठक में यह भी तय किया गया कि शांति प्रक्रिया को भविष्य में और मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही गठबंधन सरकार के विश्वास तथा शांति के एजेंडा को पटरी से उतारने की कुछ लोगों की साजिश को परास्त किया जाएगा।
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चार और आरोपियों पर लगा पीएसए

जिला प्रशासन ने ट्रक कंडक्टर जाहिद की मौत के बाद पांच लोगों पर पीएसए लगाने के बाद अन्य चार आरोपियों पर भी पीएसए लगाने के आदेश जारी कर दिए।

जिला मजिस्ट्रेट डॉ. शाहिद इकबाल ने पब्लिक सेफ्टी एक्ट 1978 के तहत जसबीर सिंह निवासी लड्डन पावर हाउस, राहुल शर्मा निवासी संबल, सुनीत सिंह निवासी संबल और रामेश्वर सिंह उर्फ गुच्छू निवासी संबल को जेल भेज दिया।

इनके खिलाफ आरोप है कि इन्होंने भी ट्रक को जलाने और पेट्रोल बम से दो लोगों को जान से मारने का प्रयास किया। दो लोगों में एक घायल ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया।

इसलिए मामला हत्या का बन गया। जिला मजिस्ट्रेट के अनुसार इस मामले में कुल नौ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है। पांच आरोपियों पर रविवार ही पीएसए लगा दिया गया था।

इन पांचों का पुराना आपराधिक रिकार्ड है। पुलिस ने अन्य चार के खिलाफ भी ताजा डोजियर पेश किया। इस डोजियर के आधार में अन्य चार आरोपियों पर भी पीएसए लगा दिया गया।

सभी नौ आरोपी पीएसए के तहत बंद हैं और इनके खिलाफ हत्या का अलग से मामला चलेगा। पीएसए का कंफर्मेशन गृह विभाग के बोर्ड द्वारा किया जाएगा। फिलहाल सभी आरोपियों को जिला जेल भेज दिया गया है।
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