पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती।
- फोटो : अमर उजाला
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अनुच्छेद 370 हटाकर केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर की पहचान छीन ली है। जब तक इसे बहाल नहीं किया जाता तब तक वह चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्होंने बेंगलुरु में कहा कि पहले केवल पाकिस्तान ही कश्मीर के मामले में हस्तक्षेप करता था अब चीन भी कर रहा है।
इसका कारण भाजपा के अनुच्छेद-370 को निरस्त करने का नतीजा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वह अनुच्छेद-370 बहाल होने तक विधानसभा चुनाव में नहीं लड़ेंगी जबकि उनकी पार्टी इसमें भाग लेगी। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को खुली जेल बताते हुए कहा कि सभी के पासपोर्ट जब्त कर लिए गए हैं।
जब पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार के साथ ऐसा हो सकता है, तो यह किसी के भी साथ हो सकता है। जम्मू-कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा संघवाद का सबसे अच्छा उदाहरण था, लेकिन अनुच्छेद-370 को निरस्त करके उसे अक्षम बनाया दिया गया।
कर्नाटक में कांग्रेस की नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में पहुचीं महबूबा मुफ्ती ने भाजपा नहीं चाहती कि उसके खिलाफ कोई आवाज उठाए या कोई विपक्ष हो। इसलिए दिल्ली सरकार को शक्तिहीन कर दिया गया है। यह सभी जगह होने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सभी ने हार मान ली तब कर्नाटक ने पूरे देश को उम्मीद की किरण दिखाई।