पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर को लूटने की मंशा से अनुच्छेद 370 हटाया गया। इसे हटाने पर प्रदेश में विकास की नई क्रांति के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा कुछ नहीं है।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि महाराजा हरि सिंह ने अनुच्छेद 370 को जम्मू-कश्मीर के लोगों की पहचान को बनाए रखने के लिए लागू किया था। अगर जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में सुधार नहीं लाया गया तो यहां के हालात गुजरात से भी खराब हो जाएंगे।
जम्मू-कश्मीर में बेरोजगारी चरम पर है। ट्रांसपोर्ट उद्योग पटरी से उतरा हुआ है। चिनाब घाटी पनबिजली परियोजनाओं में बाहरी लोगों को रोजगार दिया गया है। आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों समेत ग्यारह सरकारी कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त किए जाने पर महबूबा ने कहा कि मैं किसी का समर्थन नहीं कर रही हूं, लेकिन पिता की कार्रवाई के लिए बेटों की सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है।
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पिता की कार्रवाई के लिए उचित आधार और ठोस सबूतों के बिना बेटों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। कहा कि इस साल ग्यारह लोग ही नहीं अब तक सरकार ने बीस से 25 लोगों को सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कश्मीरियों को सजा देने के लिए नीतिगत फैसले ले रही है। आप एक व्यक्ति को पकड़ सकते है लेकिन उसके जेहन से उसके विचार नहीं निकाल सकते हो। इस दौरान महबूबा की उपस्थिति में एडवोकेट अनिल सेठी पीडीपी में शामिल हुए।