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'कश्मीर बचाने' दिल्ली आईं महबूबा पीएम मोदी से मिलीं, उधर घाटी में फिर भड़की हिंसा

Mon, 24 Apr 2017 03:25 PM IST
amarujala.com- Written by: श्रेयांश त्रिपाठी
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Mehbooba Mufti - फोटो : ANI
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जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को पीएम मोदी से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर के कई हालातों पर चर्चा की। इस मुलाकात में सिंधु जल समझौते से जुड़े विषय, कश्मीर हिंसा और जम्मू-कश्मीर के अन्य मुद्दों पर चर्चा की। 
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उल्लेखनीय है कि कश्मीर में हिंसा की ताजा घटनाओं के बाद सीएम महबूबा पर विरोधियों के हमले बढ़ गए हैं। दोनों नेताओं की ये मुलाकात श्रीनगर लोकसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में हो रही है, जहां चुनाव के दौरान बड़ी पैमाने पर हिंसा हुई और बहुत कम मतदान हुआ। इस चुनाव में पीडीपी ने यह सीट नेशनल कांफ्रेंस को गंवा दी। पीडीपी और भाजपा में पत्थरबाजी की बढ़ती घटनाओं से निपटने के मुद्दे पर मतभेद हैं।

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गौरतलब है कि हाल में राजस्थान में मेवाड़ यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे कुछ कश्मीरी छात्रों की स्थानीय लोगों ने पिटाई कर दी थी। इसके कुछ दिनों बाद मेरठ में ऐसे पोस्टर देखे गए जिनमें कश्मीरी छात्रों को यूपी छोड़ने के लिए कहा गया था।
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महबूबा मुफ्ती ने कहा कि पीएम मोदी से बीजेपी-पीडीपी गठबंधन और एजेंडा ऑफ अलायंस के मुद्दे पर चर्चा की। महबूबा ने कहा कि पीएम मोदी हमेशा से अटल बिहारी वाजपेयी की नीतियों से सहमत रहे हैं इसीलिए पीडीपी और भाजपा साथ है। 

महबूबा ने कहा कि वाजपेयी जी की नीति से ही कश्मीर की समस्या का हल होगा। महबूबा ने कहा कि कश्मीर में गर्वनेंस, ़डेवलपमेंट और डायलॉग की नीति पर आगे बढ़ना होगा। जम्मू कश्मीर में गठबंधन के मुद्दे पर महबूबा ने कहा कि वो भाजपा और पीडीपी का आंतरिक मामला है जिसे दोनों पार्टियां मिलकर सुलझाएंगी। 
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'राष्ट्रपति शासन का विषय केंद्र के अधिकार क्षेत्र का विषय'

Mehbooba Mufti - फोटो : ANI
जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन के विषय पर महबूबा मुफ्ती ने कहा कि रियासत में राष्ट्रपति शासन का विषय केंद्र सरकार के अधीन है। महबूबा मुफ्ती ने कश्मीर समस्या के विषय पर कहा कि ये मसला बातचीत से ही हल होगा। 

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहले वाजपेयी साहब के समय में बात हुई है, लालकृष्ण आडवाणी के उप प्रधानमंत्री रहते हुर्रियत के साथ बात हो चुकी है। ऐसे में कश्मीर की समस्या के लिए बातचीत का रास्ता खुलना जरूरी है।

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पत्‍थरबाजों से जुड़े सवाल के जवाब में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि कुछ लड़के नाराज हैं उन्हें मनाने की पूरी कोशिश की जाएगी।  युवाओं का अलगाव हाल के समय में बढ़ी पत्थरबाजी की घटनाओं के रूप में सामने आया है।
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