पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कपिल सिब्बल सहित सभी वकील खुले तौर पर तर्क दे रहे हैं कि दुनिया में कोई ताकत नहीं है जो अनुच्छेद 370 को भी समाप्त कर सके। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ द्वारा नेशनल कांफ्रेंस के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की प्रशंसा पर महबूबा ने कहा कि भारत में शामिल होने के उनके दूरदर्शी निर्णय की परीक्षा थी। अगर सीजेआई स्वीकार करते हैं कि शेख मोहम्मद अब्दुल्ला का दो-राष्ट्र सिद्धांत को अस्वीकार करने और भारत के साथ हाथ मिलाने का निर्णय एक दूरदर्शी निर्णय था, तो यह उस दूरदर्शी निर्णय की परीक्षा है।
अभी तक उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैठने का नहीं जुटाया साहस
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि उन्होंने अभी तक सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बैठने का साहस नहीं जुटाया है। उन्होंने कहा कि मैं शुभचिंतकों को बताना चाहती हूं कि मेरे लिए और जम्मू-कश्मीर के अधिकांश लोगों के लिए अनुच्छेद 370 सिर्फ एक कानूनी या सांविधानिक मामला नहीं है। यह हमारी भावनाओं से जुड़ा है। मैंने पूरी कोशिश की है, लेकिन अभी तक अपने दिल को इतना मजबूत नहीं बना पाई हूं कि वहां जा सकूं, अदालत में बैठ सकूं और चर्चा सुन सकूं।
अदालत में बैठने, चर्चा सुनने का जुटा रही हूं साहस
पीडीपी अध्यक्ष ने कहा कि वह चर्चा सुनने का साहस नहीं कर सकती हैं, क्योंकि जब पहला चुनाव लड़ा था तो देश के साथ ही जम्मू-कश्मीर के संविधान की भी शपथ ली थी। देश के झंडे के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर के झंडे को भी बरकरार रखा है। इसलिए, व्यक्तिगत रूप से मेरे पास अदालत में बैठने और चर्चा सुनने का साहस नहीं है। लेकिन, मैं वहां जाने के लिए कुछ साहस जुटाने की कोशिश कर रही हूं। मेरे लिए यह दुविधा हो गई है कि अगर मैं वहां जाऊंगी तो अनुच्छेद 370 के खिलाफ दलीलें सुन पाऊंगी या नहीं?