शब-ए-बारात के शुभ अवसर पर जामिया मस्जिद को बंद करना मौलिक अधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन है। यह बातें पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने शुभकामनाएं देते हुए एक ट्वीट में कहीं हैं।
विज्ञापन
दरअसल उन्होंने यह ट्वीट सोशल मीडिया पर बयान को लेकर किया जिसमें यह कहा गया था कि अंजुमन औकाफ जामिया मस्जिद ने बताया कि संबंधित पुलिस और प्रशासन के अधिकारी जामिया मस्जिद नौहट्टा पहुंचे और शाम 5.30 बजे मस्जिद के गेट बंद कर अंजुमन को सूचित किया कि उपायुक्त श्रीनगर के आदेशानुसार शब-ए-बारात की नमाज नहीं होने दी जाएगी। श्रीनगर के जिला उपयुक्त एजाज असद ने बताया कि इस आदेश का खंडन किया है।