मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने राज्य के ऊर्जा परिदृश्य को बदलने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार करने को कहा है। उन्होंने इसके लिए बिजली उत्पादन तथा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने को कहा। वे मंगलवार को जम्मू संभाग में बिजली-पानी आपूर्ति की स्थिति का जायजा लेने के लिए उच्चस्तरीय बैठक में बोल रही थीं।
बैठक में उन्होंने पीक आवर्स में बिजली कटौती न करने की हिदायत देते हुए कहा कि यदि आवश्यक हो तो बिजली कटौती शेड्यूल लागू किया जाना चाहिए। इसकी सूचना पहले ही उपभोक्ताओं को दी जानी चाहिए। कहा कि बिजली कटौती का असर पानी की सप्लाई पर भी पड़ता है।
इस वजह से पीडीडी तथा पीएचई दोनों विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना चाहिए। पीडीडी को व्यवस्था में खराबी से बचने के लिए अतिरिक्त कैपिसिटर तथा ट्रांसफार्मर लगाने को भी कहा। साथ ही पीएचई फीडरों से गैर कानूनी कनेक्शन हटाने की हिदायत दी।
राज्य में बिजली वितरण व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त करने के लिए उन्होंने आर-एपीडीआरपी के कार्यों में तेजी लाने को कहा। इरकान को मार्च 2017 तक तय समय अवधि में काम पूरा करने के लिए दो शिफ्टों में काम करने को कहा। यह परियोजना पहले ही तय समय सीमा लांघ चुकी है।
इस परियोजना के लागू होने से राज्य में बिजली सप्लाई की स्थिति बेहतर होगी। उपभोक्ताओं को कम वोल्टेज तथा कटौती से निजात मिलेगी। बिजली किल्लत से गर्मी में जम्मू संभाग तथा सर्दी में कश्मीर संभाग के लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं।
बिजली चोरी रोकने तथा घाटे को कम करने के लिए उन्होंने पीडीडी को आवश्यक कदम उठाने को कहा। साथ ही कहा कि बिजली उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रही है। उन्होंने बाढ़ एवं सिंचाई क्षेत्र की निधि के पूरी तरह से इस्तेमाल के लिए सम्मिलित मोड के तहत काम करने की हिदायत दी।