महबूबा ने शीर्ष अदालत परिसर में मीडिया से कहा, सुप्रीम कोर्ट जिस मामले की सुनवाई कर रहा है, वह भारत के लोगों से जुड़ा है। इस देश को बहुसंख्यकवाद पर नहीं चलाया जा सकता। यह देश संविधान के अनुसार चलेगा।
पीडीपी नेता व पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को भगवान राम और उनके ‘रघु’ वंश का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में भारतीयों के जम्मू-कश्मीर के मूल निवासियों से किये गए वादे पर सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। सौभाग्य से उन्हें अब भी सुप्रीम कोर्ट पर कुछ विश्वास है।
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महबूबा ने शीर्ष अदालत परिसर में मीडिया से कहा, सुप्रीम कोर्ट जिस मामले की सुनवाई कर रहा है, वह भारत के लोगों से जुड़ा है। इस देश को बहुसंख्यकवाद पर नहीं चलाया जा सकता। यह देश संविधान के अनुसार चलेगा। अनुच्छेद 370 को निरस्त करने का मुद्दा भारत के लोगों और 1947 में कश्मीर के मूल निवासियों से किए गए उनके वादे से संबंधित है।
हम जानते हैं कि देश की संस्थाओं का क्या हाल हो गया है। सौभाग्य से हमें अब भी इस देश के सुप्रीम कोर्ट पर कुछ भरोसा है। मैं उनसे अपील करना चाहती हूं कि देश ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाए’ के सिद्धांत पर अब भी विश्वास करता है।
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पीडीपी प्रमुख ने कहा, मैं उन लोगों के बारे में बात नहीं कर रही हूं जो ‘जय श्री राम’ के नाम पर हत्या करते हैं और ‘जय श्री राम’ के नाम पर लिंचिंग करते हैं। मैं उन बहुसंख्यक समुदाय के लोगों के बारे में बात कर रही हूं जो ‘श्रीरामचंद्र जी’, उनके वचन ‘रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन न जाए’ में विश्वास करते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि ‘वचन’ पर आज सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा चल रहा है।