उन्होंने अयातुल्ला खामेनेई को वैश्विक अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने और शोषितों का हक उठाने वाला नेता बताया। इससे पहले महबूबा को ईरानी अधिकारियों की ओर से तेहरान में शोक समारोहों में शामिल होने का आधिकारिक निमंत्रण मिला था। जम्मू-कश्मीर से चुनिंदा आमंत्रित लोगों में वह भी शामिल थीं, जिनमें कई प्रमुख शिया धर्मगुरु भी थे। क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान के बीच कई देशों के राजनीतिक नेता और धार्मिक प्रतिनिधि तेहरान में शोक समारोहों में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।
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